
सेंट्रल डेसक। झारखंड में लंबे समय से खाली पड़े लोकायुक्त पद पर आखिरकार नियुक्ति हो गई है। राज्यपाल ने झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता को राज्य का नया लोकायुक्त नियुक्त किया है। यह फैसला पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिहाज से अहम माना जा रहा है। न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता की नियुक्ति झारखंड में सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में उनके फैसलों पर राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की साख भी निर्भर करेगी। झारखंड में लोकायुक्त पद काफी समय से खाली था, जिसे लेकर हाईकोर्ट में भी सवाल उठे थे। सरकार ने जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया था, जिसके बाद अब यह प्रक्रिया पूरी हुई है।
लोकायुक्त पद पर नियुक्ति की घोषणा
राज्यपाल की सहमति के बाद न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता के नाम को मंजूरी दी गई। वे अब झारखंड के लोकायुक्त के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव
अमिताभ कुमार गुप्ता का न्यायिक करियर काफी लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है।
- 1997 में उन्होंने न्यायिक सेवा में प्रवेश किया
- धनबाद, दुमका और रांची में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया
- सीबीआई के विशेष न्यायाधीश (पशुपालन मामले) भी रहे
- झारखंड सरकार में विधि सचिव के रूप में सेवा दी
- वर्ष 2013 में झारखंड हाईकोर्ट के जज बने और 2021 में सेवानिवृत्त हुए
लोकायुक्त की भूमिका क्यों अहम
लोकायुक्त राज्य में एक स्वतंत्र संस्था होती है, जो सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की जांच करती है। यह संस्था जनता की शिकायतों को सुनकर कार्रवाई सुनिश्चित करती है।
जनता पर क्या होगा असर
नई नियुक्ति से राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की उम्मीद बढ़ी है। लंबे समय से खाली पड़े इस पद पर नियुक्ति होने से प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होगी और आम लोगों की शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी।





