हजारीबाग में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा: तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम की हत्या, मां समेत तीन गिरफ्तार

सेंट्रल डेस्क। झारखंड के हजारीबाग जिले में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर एक नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उक्ता कांड का खुलासा डीआईजी अंजनी कुमार झा ने किया।
क्या है पूरा मामला
घटना विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव की है। 25 मार्च 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस झाड़ी में एक बच्ची का शव पड़ा है। जांच में पता चला कि बच्ची पिछली रात रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान लापता हो गई थी।
मृतका की मां रश्मी देवी के लिखित आवेदन पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
तंत्र-मंत्र के नाम पर रची गई साजिश
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी शांति देवी उर्फ ‘भगतिनी’ तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करती थी। मृतका की मां पिछले एक साल से अपने बेटे की शारीरिक और मानसिक समस्याओं को लेकर उसके संपर्क में थी।
बताया गया कि भगतिनी ने महिला को यह कहकर बरगलाया कि उसकी छोटी बेटी पर “देवी का साया” है और समस्या के समाधान के लिए एक कुँवारी लड़की की बलि देनी होगी।
ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
रामनवमी के दिन 24 मार्च को महिला अपने बच्चों के साथ जुलूस में शामिल हुई और बाद में छोटी बेटी को लेकर भगतिनी के घर पहुंची। रात करीब 9:30 बजे पूजा के बहाने बच्ची को बांसवारी ले जाया गया।
वहां पहले से मौजूद भीम राम के साथ मिलकर आरोपियों ने:
- बच्ची को जमीन पर लिटाया
- तंत्र-मंत्र के नाम पर पूजा की
- गला दबाकर उसकी हत्या कर दी
- शव के साथ अमानवीय कृत्य किया
- सिर पर पत्थर मारकर खून निकाला
- उसी खून से कथित पूजा की
यह पूरी घटना बेहद क्रूर और मानवता को झकझोर देने वाली है।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- भीम राम (45 वर्ष)
- रश्मी देवी (35 वर्ष, मृतका की मां)
- शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष)
सभी आरोपी कुसुंबा गांव के निवासी हैं।
SIT जांच में हुआ खुलासा
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित SIT टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गहन पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर फैल रही कुरीतियों की भयावह तस्वीर पेश करती है। एक मां द्वारा अपनी ही बच्ची की बलि देने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और समाज को जागरूक होने की जरूरत पर जोर दिया है।





