डोरंडा में अधिवक्ता मनोज टंडन की कार रिलीज पर विवाद, कोर्ट आदेश के बाद भी नहीं छोड़ी गाड़ी

डोरंडा थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पहले हुए कार और बाइक एक्सीडेंट मामले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ता मनोज टंडन की जब्त कार को कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस द्वारा रिलीज नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब अदालत ने स्पष्ट रूप से वाहन छोड़ने का निर्देश दे दिया है, तो फिर देरी क्यों हो रही है?
क्या कह रहे हैं अधिवक्ता?
वकीलों ने आरोप लगाया कि:
- कोर्ट का स्पष्ट आदेश जारी हो चुका है
- वाहन रिलीज करने का निर्देश दिया गया है
- इसके बावजूद पुलिस गाड़ी नहीं छोड़ रही
- यह अदालत की अवमानना जैसा मामला बन सकता है
- जानबूझकर परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है
पुलिस की ओर से क्या स्थिति?
अब तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार प्रक्रिया संबंधी औपचारिकताओं की बात कही जा रही है, लेकिन अधिवक्ता इसे उचित कारण नहीं मान रहे।
विवाद क्यों बढ़ रहा है?
यह मामला इसलिए संवेदनशील बन गया है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर कोर्ट के आदेश के अनुपालन का प्रश्न जुड़ा है। यदि आदेश के बावजूद वाहन रिलीज नहीं होता है तो यह प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर सकता है।
संभावना है कि अधिवक्ता इस मुद्दे को लेकर आगे कानूनी कदम उठा सकते हैं। यदि स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
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