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Monday, June 29, 2026
International News

Venezuela Earthquake: 32 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकला 18 दिन का नवजात, 68 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता

Venezuela Earthquake 2026: 32 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकाला गया 18 दिन का नवजात, भूकंप से तबाह इमारतों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन
वेनेज़ुएला में आए भीषण भूकंप के बाद राहतकर्मियों ने 32 घंटे तक मलबे में फंसे 18 दिन के नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। यह रेस्क्यू ऑपरेशन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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Venezuela Earthquake News: वेनेजुएला में 24 जून को आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण तब दिखाई दी जब 18 दिन के नवजात बच्चे को 32 घंटे बाद मलबे से जीवित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि दूसरी ओर हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार 68,900 से अधिक लोग अब भी लापता हैं, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 1,430 हो गई है और 3,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

32 घंटे बाद मलबे से निकला 18 दिन का नवजात

राजधानी काराकास के उत्तर में स्थित ला गुएरा शहर में राहतकर्मियों ने फ्लडलाइट की रोशनी में लगातार अभियान चलाकर 18 दिन के नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चे को कंबल में लपेटकर सावधानी से रेस्क्यू किया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चे के सुरक्षित निकलते ही तालियां बजाकर बचाव दल का हौसला बढ़ाया।

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 मिनट बाद बच्चे की मां को भी मलबे से जीवित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आज फिर आया 5.6 तीव्रता का भूकंप

रविवार को वेनेजुएला में एक बार फिर 5.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। बताया गया कि इसका केंद्र अरागुआ तट के पास समुद्र में लगभग 30 किलोमीटर की गहराई में था। इससे पहले शनिवार को भी 4.9 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे, जिससे राहत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया।

68 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 68,900 से अधिक लोगों का पता नहीं चल पाया है। राहत एजेंसियां लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन कई इलाकों में संसाधनों की कमी के कारण स्थानीय लोग खुद अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसी दौरान मलबे में फंसे लोगों के जीवित मिलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।

भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’

वेनेजुएला की मदद के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान लगभग 35 टन राहत सामग्री लेकर पहुंचे हैं। इनमें दवाइयां, मेडिकल उपकरण और अन्य आवश्यक राहत सामग्री शामिल है।

इसके अलावा भारत ने 41 सदस्यीय मेडिकल टीम भी भेजी है, जो घायलों का इलाज करने और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पताल स्थापित करने में सहायता करेगी।

24 देशों ने भेजी राहत टीमें

वेनेजुएला सरकार के अनुसार 24 देशों ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग दिया है। अब तक—

  • 521 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई।
  • 86 प्रशिक्षित खोजी डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए।
  • 2,741 से अधिक बचाव एवं तकनीकी विशेषज्ञ राहत कार्य में जुटे हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र ने भी अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों की तैनाती की घोषणा की है।

एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त, राहत पहुंचाने में दिक्कत

भूकंप में देश का मुख्य एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त होने से राहत सामग्री पहुंचाने में बड़ी मुश्किलें आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों तक भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अस्थायी आश्रय पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।

लाखों लोग प्रभावित

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार भूकंप से 67 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और हजारों परिवार अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

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वेनेजुएला में आई यह आपदा लगातार गंभीर होती जा रही है। एक ओर 18 दिन के नवजात का सुरक्षित रेस्क्यू उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है, वहीं हजारों लोग अब भी लापता हैं और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

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