About me

News Box Bharat
Welcome to News Box Bharat, your one-stop destination for comprehensive news coverage and insightful analysis. With a commitment to delivering reliable information and promoting responsible journalism, we strive to keep you informed about the latest happenings from across the nation and the world. In this rapidly evolving era, staying updated and making sense of the news is crucial, and we are here to simplify the process for you.

Recent Posts

+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Tuesday, August 25, 2026
IndiaLatest Hindi NewsNewsPolitics

TMC के 20 बागी सांसदों पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, अभिषेक बनर्जी की याचिका पर SC में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट और TMC से जुड़े राजनीतिक विवाद को दर्शाती समाचार तस्वीर
TMC के बागी सांसदों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया।
Share the post

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे सियासी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी के 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई TMC महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर हुई है, जिसमें उन्होंने बागी सांसदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत शुरू हुई अयोग्यता की कार्यवाही पर जल्द फैसला लेने की मांग की थी।

अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग की?

अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर समयबद्ध तरीके से फैसला लेने का निर्देश देने की मांग की थी। उनकी याचिका में TMC के 20 सांसदों के खिलाफ अलग-अलग अयोग्यता याचिकाओं का उल्लेख किया गया है।

TMC का आरोप है कि इन सांसदों ने पार्टी से अलग होकर NCPI का रुख किया और NDA से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुए। पार्टी ने इसे दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई का आधार बताया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 20 सांसदों को जारी किया नोटिस

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 20 बागी सांसदों से जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि मामला केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अयोग्यता की कार्यवाही को तय समय में पूरा करने के सवाल पर भी विचार जरूरी है।

लोकसभा स्पीकर को नोटिस क्यों नहीं?

सुनवाई के दौरान लोकसभा अध्यक्ष को भी याचिका में पक्षकार बनाया गया था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि स्पीकर पहले ही 20 सांसदों को नोटिस जारी कर चुके हैं और उनसे जवाब मांगा गया है।

उन्होंने अदालत से स्पीकर को अलग से औपचारिक नोटिस जारी नहीं करने का आग्रह किया और कहा कि वह स्पीकर की ओर से अदालत की सहायता करेंगे। कोर्ट ने इस बात को स्वीकार कर लिया।

क्या है पूरा राजनीतिक विवाद?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच 20 सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई का मुद्दा सामने आया है। अभिषेक बनर्जी का कहना है कि दलबदल विरोधी कानून के तहत शुरू की गई प्रक्रिया पर जल्द निर्णय होना चाहिए।

अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद संबंधित सांसदों को अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत इस मामले में आगे की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर फैसला कर सकती है।

आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का मतलब यह नहीं है कि 20 सांसदों को तत्काल अयोग्य घोषित कर दिया गया है। फिलहाल अदालत ने संबंधित सांसदों से जवाब मांगा है। अयोग्यता पर अंतिम निर्णय की संवैधानिक प्रक्रिया में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

TMC के 20 बागी सांसदों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस पार्टी के अंदर चल रहे विवाद में अहम कानूनी घटनाक्रम है। अभिषेक बनर्जी की याचिका का मुख्य उद्देश्य अयोग्यता की लंबित प्रक्रिया पर जल्द और समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कराना है। अब सभी की नजर बागी सांसदों के जवाब और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी।

👉 यह भी पढ़ें:

Leave a Response