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Friday, November 6, 2026
JHARKHAND NEWS

नगर निगम चुनाव 2026: रांची में धारा-163 लागू, जानिए क्या करें और क्या नहीं

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रांची नगर निगम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) प्रभावी हो गई है। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराने के उद्देश्य से रांची सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति, राजनीतिक दल या संगठन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आदेश की प्रमुख बातें

सभा, जुलूस और हथियार पर सख्त पाबंदी

  • किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या संगठन को बिना सक्षम पदाधिकारी की पूर्व अनुमति के सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी।
  • जुलूस या सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार का घातक या धारदार हथियार (लाठी, भाला, तीर-धनुष या लाइसेंसी हथियार) लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • हालांकि, यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों, निर्वाचन कर्मियों और परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदायों (सिखों की कृपाण और नेपालियों की खुखरी) पर लागू नहीं होगा।

लाउडस्पीकर और शोर-शराबे पर नियंत्रण

  • पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, प्रचार वाहन या ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक रहेगी।
  • दिन के समय भी लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए लिखित अनुमति अनिवार्य होगी।
  • ध्वनि स्तर 75 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • बिना अनुमति किसी भी वाहन पर लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
  • नॉइज पॉल्यूशन रूल्स 2000 और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

सरकारी-निजी संपत्ति और प्रचार सामग्री

  • किसी भी सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति (भवन, सड़क, खंभा, दीवार) पर पोस्टर, बैनर, झंडा, नारा, होर्डिंग या तोरण द्वार लगाना प्रतिबंधित रहेगा।
  • उल्लंघन करने पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1987 के तहत कार्रवाई होगी।
  • निजी संपत्ति पर पोस्टर या झंडा लगाने से पहले मालिक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है।
  • प्लास्टिक या पॉलीथीन से बने बैनर-पोस्टर के उपयोग पर पूर्ण रोक लगाई गई है।

सोशल मीडिया और सार्वजनिक व्यवहार

  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि) पर आपत्तिजनक, भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट करना दंडनीय अपराध होगा।
  • किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या समुदाय की भावना आहत करने वाली सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
  • धार्मिक स्थलों — मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारे — का उपयोग चुनावी प्रचार के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
  • शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एकत्र होना प्रतिबंधित रहेगा।

चुनावी शुचिता बनाए रखने के निर्देश

  • मतदाताओं को डराने, धमकाने या पैसे व उपहार का लालच देना सख्त मना है।
  • किसी भी राजनीतिक गतिविधि, बैठक या सभा के लिए सरकारी गेस्ट हाउस या भवनों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
  • कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा जिससे जातीय, धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच घृणा या विद्वेष फैले।

इन पर लागू नहीं होगा आदेश

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निषेधाज्ञा निम्नलिखित पर लागू नहीं होगी:

  • पूर्वानुमति प्राप्त सभा या जुलूस
  • शादी-बारात और शवयात्रा
  • अस्पताल जा रहे मरीज और उनके परिजन
  • विद्यालय, महाविद्यालय और परीक्षा केंद्र जाने वाले छात्र
  • ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी और पुलिस बल
  • हाट-बाजार जाने वाले आम नागरिक
  • कैंटोनमेंट (छावनी) क्षेत्र

प्रशासन की चेतावनी

जिला प्रशासन ने आशंका जताई है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा के दौरान शस्त्र प्रदर्शन, शक्ति प्रदर्शन, मतदाताओं को डराने-धमकाने और सांप्रदायिक या जातीय तनाव फैलाने की कोशिश की जा सकती है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-163 के तहत यह कदम उठाया गया है।

प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और आम नागरिकों से आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः पालन करने की अपील की है।

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