भारत रत्न और पद्म सम्मानित विभूतियों को कटघरे में खड़ा करना राष्ट्र का अपमान: आलोक दूबे

बीजेपी विधायक सीपी सिंह माफी मांगें, नहीं तो सड़क से सदन तक आंदोलन होगा : कांग्रेस
सेंट्रल डेस्क. प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा विधायक सीपी सिंह के बयान को देश की महान विभूतियों का घोर अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भारत रत्न और पद्म सम्मान प्राप्त करने वाले व्यक्तित्वों को राष्ट्रद्रोही बताना इतिहास, संविधान और राष्ट्र की गौरवशाली परंपरा का अपमान है।आलोक दूबे ने कहा कि सीपी सिंह बताएं कि क्या नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन, मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, मदर टेरेसा, स्वर कोकिला लता मंगेशकर, शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, क्रिकेट सम्राट सचिन तेंदुलकर तथा झारखंड की गौरवशाली पहचान डॉ. रामदयाल मुंडा भी उनकी नजर में राष्ट्रद्रोही हैं? उन्होंने कहा कि भारत रत्न और पद्म सम्मान किसी राजनीतिक दल या सरकार की जागीर नहीं हैं। यह सम्मान राष्ट्र की ओर से उन महान व्यक्तित्वों को दिया जाता है, जिन्होंने देश और समाज के लिए असाधारण योगदान दिया है। इन सम्मानों का अपमान दरअसल भारत की आत्मा और उसकी उपलब्धियों का अपमान है।
करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का अपमान
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि ऐसी भाषा बोलने वाले भाजपा में अकेले सीपी सिंह नहीं हैं। भाजपा में ऊपर से नीचे तक कुछ नेताओं ने मानो देशभक्ति और राष्ट्रद्रोह का प्रमाणपत्र अपनी जेब में रख लिया है। जब मन करता है, जिसे मन करता है, उसे राष्ट्रद्रोही घोषित कर देते हैं। यह लोकतंत्र नहीं, राजनीतिक अहंकार है। इस बार मामला किसी दल या नेता का नहीं, बल्कि उन महान विभूतियों के सम्मान का है जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा, विज्ञान, संस्कृति, खेल और मानवता को समर्पित किया। उनके लिए ऐसी सोच निंदनीय है और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का अपमान भी।
मानसिकता बेहद खतरनाक
आलोक दूबे ने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा ने कई बार राजनीतिक और चुनावी लाभ के लिए निर्णय लिए हैं, लेकिन देश के महापुरुषों को राजनीतिक चश्मे से देखने की यह मानसिकता बेहद खतरनाक है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री आदित्य साहू को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे भी सीपी सिंह के इस बयान से सहमत हैं।
कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी
उन्होंने कहा कि देश की जनता इस मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी। भाजपा नेताओं को समझना होगा कि महापुरुषों की विरासत पर कीचड़ उछालकर इतिहास नहीं बदला जा सकता। सीपी सिंह को अपने बयान पर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि देश की महान विभूतियों का अपमान किसी भी परिस्थिति में क्षम्य नहीं हो सकता। यदि सीपी सिंह सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।





