पुणे मर्डर केस में नया खुलासा: 2000 कॉल्स, कैफे मीटिंग और 10 घंटे फोन ऑफ, जांच में रोज सामने आ रहे नए राज

पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में अब पता चला है कि हत्या से कुछ घंटे पहले सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी मुलाकात में लोहागढ़ फोर्ट पर हत्या की अंतिम योजना बनाई गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन के बीच पिछले कुछ महीनों में 2,000 से अधिक फोन कॉल्स हुई थीं। कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार दोनों ने सैकड़ों घंटों तक बातचीत की थी, जिसने पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया।
10 घंटे तक बंद रहा चेतन का फोन
पुलिस को सबसे बड़ा संदेह तब हुआ जब हत्या वाले दिन चेतन चौधरी के मोबाइल में करीब 10 घंटे तक कोई इंटरनेट गतिविधि नहीं मिली। जांच में पता चला कि उसने कथित तौर पर अपना मोबाइल दुकान पर छोड़ दिया था और लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए दूसरे व्यक्ति का फोन इस्तेमाल किया था।
कई बार की गई थी हत्या की कोशिश
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि 18 जून की घटना से पहले भी केतन अग्रवाल को लोहागढ़ फोर्ट ले जाकर कई बार नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। एक बार कथित तौर पर धक्का देने के बाद सिया ने “सांप” का बहाना बनाकर मामला संभाल लिया था। जांच एजेंसियां इन सभी घटनाओं की कड़ियां जोड़ रही हैं।
गर्मी में हूडी बना सबसे बड़ा सुराग
इस केस को सुलझाने में CCTV फुटेज की अहम भूमिका रही। पुलिस को एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जो 33 डिग्री तापमान में भी हूडी पहनकर घूम रहा था। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई। इसी सुराग ने पुलिस को हत्या की साजिश तक पहुंचाया।
परिवार ने मांगी सख्त सजा
केतन अग्रवाल के परिवार ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। वहीं अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को पुलिस हिरासत में भेज रखा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस कथित साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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