About me

News Box Bharat
Welcome to News Box Bharat, your one-stop destination for comprehensive news coverage and insightful analysis. With a commitment to delivering reliable information and promoting responsible journalism, we strive to keep you informed about the latest happenings from across the nation and the world. In this rapidly evolving era, staying updated and making sense of the news is crucial, and we are here to simplify the process for you.

Recent Posts

+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Wednesday, July 8, 2026
JHARKHAND NEWS

NCST की सख्ती: RIMS-2 की 222 एकड़ जमीन पर फिलहाल निर्माण नहीं, एक माह में मांगी मुआवजा रिपोर्ट

Share the post

सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने सोमवार को सर्कुलर रोड स्थित न्यू सर्किट हाउस में कुल 15 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान कांके प्रखंड के नगड़ी स्थित 222 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित RIMS-2 परियोजना का मामला प्रमुखता से उठा। आयोग ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक मामला आयोग में विचाराधीन है, तब तक अधिगृहित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाए। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने अपना पक्ष रखा, जबकि संबंधित अधिकारियों ने RIMS-2 के लिए अधिग्रहित 222 एकड़ भूमि और रैयतों की सूची आयोग के समक्ष प्रस्तुत की। हालांकि अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि अब तक कितने रैयतों को उनकी अधिगृहित भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है। इस पर आयोग ने एक माह के भीतर मुआवजा भुगतान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

रैयतों की आजीविका का एकमात्र साधन

डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आयोग इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर RIMS-2 बनाने की योजना है, वह उपजाऊ कृषि भूमि है और यह कई रैयतों की आजीविका का एकमात्र साधन है। ऐसे में सरकार को परियोजना के लिए बंजर या परती भूमि का विकल्प तलाशना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि रांची स्थित RIMS पहले से ही राज्य के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है, जबकि सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता है। गुमला, चैनपुर और डुमरी जैसे इलाकों में डॉक्टरों और एंबुलेंस सेवाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए रांची आना पड़ता है। उन्होंने सरकार से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की अपील की।

पेड़ कटाई और खनन पर भी आयोग की नजर

सुनवाई के दौरान बोकारो जिले के वैधकारो क्षेत्र में वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा लाखों पेड़ काटे जाने के मामले पर भी चर्चा हुई। डॉ. लकड़ा ने कहा कि तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) ने भी पेड़ कटाई की कार्रवाई को गलत माना था। ऐसे में आयोग ने निर्देश दिया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

जमीन कब्जा मामले में कार्रवाई के निर्देश

नामकुम थाना क्षेत्र में शिकायतकर्ता की जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले की सुनवाई करते हुए आयोग ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही जिस अधिकारी के माध्यम से विवादित जमीन की रजिस्ट्री की गई थी, उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

सरना, भुईहरि और बकाश्त जमीन के मामलों पर भी सख्त रुख

रांची शहरी क्षेत्र में सरना पूजा स्थल, भुईहरि और बकाश्त भूमि की कथित खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों को भी आयोग ने गंभीरता से लिया। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Leave a Response