FIFA President ने आलोचकों से कहा- ‘Meditate करो, Pray करो या फुटबॉल मैच देखो’; आखिर क्यों मचा बवाल?

विश्व कप खत्म हो चुका था, लेकिन विवाद अभी बाकी था। टूर्नामेंट के एक सप्ताह बाद FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर ऐसा लंबा संदेश लिखा, जिसने फुटबॉल जगत में नई बहस छेड़ दी। किसी ने इसे आत्मविश्वास बताया, तो किसी ने अहंकार। अब यही पोस्ट दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
15 स्लाइड की पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
27 जुलाई को जियानी इन्फेंटिनो ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 15 स्लाइड की एक लंबी पोस्ट साझा की। करीब 900 शब्दों के इस संदेश में उन्होंने 2026 FIFA World Cup को “दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे बेहतरीन आयोजन” बताया। बाद में यही पोस्ट FIFA के आधिकारिक अकाउंट से भी शेयर की गई।
आलोचकों पर साधा निशाना
इन्फेंटिनो ने कहा कि कुछ लोग स्क्रीन और कलम के पीछे बैठकर केवल नफरत और झूठी अफवाहें फैलाने में लगे रहे, जबकि दूसरी ओर करोड़ों फुटबॉल प्रेमी अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस खेल का आनंद ले रहे थे।
उनका कहना था कि आलोचकों ने उस खुशी, भावनाओं और एकजुटता को कभी महसूस ही नहीं किया, जो विश्व कप ने पूरी दुनिया को दी।
“Meditate करो, Pray करो या फुटबॉल देखो”
इन्फेंटिनो की सबसे ज्यादा चर्चा इसी सलाह को लेकर हुई। उन्होंने लिखा कि जो लोग अपना समय FIFA से नफरत करने में बिताते हैं, वे कुछ पल रुकें, आत्मचिंतन करें, ध्यान लगाएं, प्रार्थना करें या फिर एक फुटबॉल मैच देखकर खिलाड़ियों और प्रशंसकों के चेहरों पर दिखने वाली भावनाओं को समझने की कोशिश करें।
यही लाइन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हुई।
सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा
FIFA अध्यक्ष ने दावा किया कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान:
- कोई हिंसक घटना नहीं हुई।
- सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सफल रही।
- आयोजन में केवल खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रेफरी के फैसलों, टिकटों की कीमत और वीजा जैसी कुछ शिकायतें सामने आईं, लेकिन उनके अनुसार ऐसे मुद्दे हर बड़े खेल आयोजन का हिस्सा होते हैं।
फिर क्यों भड़क गए आलोचक?
इन्फेंटिनो के बयान के बाद कई फुटबॉल विशेषज्ञों और अधिकारियों ने उनकी आलोचना की।
स्पेनिश लीग (LaLiga) के अध्यक्ष जावियर तेबास ने इस पोस्ट को “Pathetic” बताया। उनका कहना था कि पारदर्शिता और जवाबदेही मांगना नफरत नहीं होती। उन्होंने इन्फेंटिनो के इस्तीफे तक की मांग कर डाली।
वहीं BBC, Newsweek और The Athletic जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस पोस्ट को “Defiant Rant”, “Bizarre” और “Trump-style Response” जैसे शब्दों से वर्णित किया।
आखिर पूरा मामला क्या है?
2026 FIFA World Cup का फाइनल 19 जुलाई को खेला गया था, जिसमें स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब जीता। टूर्नामेंट के बाद FIFA को टिकट, रेफरिंग और कुछ प्रशासनिक फैसलों को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उसी के जवाब में इन्फेंटिनो ने यह लंबा सार्वजनिक संदेश जारी किया।
फुटबॉल मैदान पर खत्म हो गया, लेकिन बहस अभी जारी है। जियानी इन्फेंटिनो का यह संदेश समर्थकों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है, लेकिन आलोचकों के लिए यह जवाबदेही से बचने की कोशिश जैसा दिखाई दिया। यही वजह है कि एक इंस्टाग्राम पोस्ट अब दुनिया भर में चर्चा का विषय बन चुकी है।
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