कटनी जमीन सौदा केस: निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया को कोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत खारिज

मध्य प्रदेश के कटनी में चर्चित जमीन सौदे और पद के कथित दुरुपयोग के मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जिला एवं सत्र न्यायालय की प्रथम अपर जिला एवं सत्र अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पुलिस ने नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
कोर्ट ने अग्रिम राहत देने से किया इनकार
शनिवार को हुई सुनवाई में बचाव पक्ष और अभियोजन की ओर से मामले से जुड़े तथ्य तथा जांच की स्थिति अदालत के सामने रखी गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने नेहा पच्चीसिया को गिरफ्तारी से पहले राहत देने से इनकार कर दिया।
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। हालांकि, जिला अदालत के फैसले के खिलाफ नेहा पच्चीसिया के पास मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जाने का विकल्प मौजूद है।
तीन आरोपी बताए जा रहे हैं फरार
FIR दर्ज होने के बाद से नेहा पच्चीसिया के साथ क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के भी फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस और SIT की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
आठ सदस्यीय SIT कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर ASP अंजना तिवारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT बनाया गया है। टीम जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों के अलावा बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रही है।
जांच का एक अहम हिस्सा कथित जमीन सौदे में हुए पैसों के लेनदेन और दस्तावेजों की भूमिका को लेकर है। इसके अलावा सीज किए गए CSP कार्यालय से भी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
एयर होस्टेस से बनी थीं DSP
नेहा पच्चीसिया का करियर भी इस मामले के कारण चर्चा में है। वह पहले एयर होस्टेस थीं और बाद में पुलिस सेवा में शामिल होकर DSP बनीं। इसके बाद उन्हें कटनी में CSP की जिम्मेदारी मिली थी। जमीन सौदे और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
जमीन सौदे में क्या है आरोप?
मामला एक विवादित जमीन सौदे से जुड़ा है, जिसमें पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर पद के प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीन के सौदे को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में जमीन की कीमत, सौदे के तरीके और संबंधित लेनदेन को लेकर कई सवाल उठे हैं। फिलहाल इन आरोपों की जांच SIT कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मामले की बड़ी बातें
- नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज।
- तीन आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम।
- नेहा पच्चीसिया समेत तीनों के फरार होने की जानकारी।
- आठ सदस्यीय SIT कर रही मामले की जांच।
- बैंक लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
- जिला अदालत के फैसले के बाद हाईकोर्ट जाने का विकल्प खुला है।
अब आगे क्या?
अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद पुलिस की नजर अब आरोपियों की गिरफ्तारी पर है। दूसरी ओर नेहा पच्चीसिया हाईकोर्ट का रुख कर सकती हैं। SIT की जांच में बैंक रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज और डिजिटल सबूतों से मामले की आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।





