IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद छोड़ी नौकरी, चार साल पहले पति गगनदीप सिंह भी दे चुके हैं इस्तीफा

उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी और देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद अब उनके पति गगनदीप सिंह की भी चर्चा हो रही है, जिन्होंने करीब चार साल पहले सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर निजी क्षेत्र में नई शुरुआत की थी।
लंदन की नौकरी छोड़कर IAS बनी थीं दिव्या मित्तल
दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से BTech और IIM बैंगलोर से MBA किया। पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन विदेश में करियर बनाने के बजाय भारत लौटकर सिविल सेवा में जाने का फैसला किया।
2012 में अपने पहले प्रयास में उन्होंने IPS के लिए सफलता हासिल की। इसके बाद 2013 में दूसरे प्रयास में 68वीं रैंक हासिल कर IAS बनीं। उत्तर प्रदेश कैडर में रहते हुए उन्होंने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी के रूप में काम किया।
भावुक पोस्ट में बोलीं- ‘पद छूट गया, सपना नहीं’
इस्तीफे की जानकारी देते हुए दिव्या मित्तल ने अपनी 13 साल की सेवा को याद किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने लिए देखे कई सपने पूरे कर लिए थे और अब उनका ध्यान अपने लोगों के लिए देखे गए सपनों की ओर था।
उन्होंने प्रशासनिक सेवा के दौरान जरूरतमंद परिवारों, दिव्यांगों और किसानों के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। उनके मुताबिक, सरकारी फाइल के पीछे हमेशा एक इंसान होता है और उसकी गरिमा बनाए रखना ही असली न्याय है।
मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान दूर-दराज के पहाड़ी गांव लहुरियादह में पहली बार पाइप से पानी पहुंचने की घटना भी काफी चर्चित रही थी। दिव्या मित्तल ने अपने विदाई संदेश में इसी अनुभव को भावुक तरीके से याद किया।
पति गगनदीप सिंह भी चार साल पहले छोड़ चुके हैं सरकारी सेवा
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों का करियर भी चर्चा में आ गया है। गगनदीप ने 2022 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद से इस्तीफा दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने सरकारी सेवा छोड़ने के बाद वित्तीय क्षेत्र में नई पारी शुरू की और अब Neuracap में एल्गोरिद्मिक ट्रेडर के तौर पर काम कर रहे हैं।
गगनदीप ने IIT दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में BTech और IIM बैंगलोर से मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और सरकारी सेवा में आए। रिपोर्ट के अनुसार, लंदन में कॉरपोरेट करियर के बाद भारत लौटने का फैसला भी उनके करियर का अहम मोड़ रहा।
दोनों ने छोड़ी सरकारी सेवा, लेकिन रास्ते अलग
दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह की कहानी का दिलचस्प पहलू यह है कि दोनों ने विदेश में करियर के अवसरों के बाद भारत लौटकर सिविल सेवा को चुना, लेकिन बाद में दोनों ने सरकारी सेवा से बाहर निकलने का फैसला किया।
गगनदीप सिंह ने 2022 में सरकारी सेवा छोड़कर वित्तीय क्षेत्र का रुख किया, जबकि दिव्या मित्तल ने 2026 में 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दिया। दोनों के करियर का अगला पड़ाव अलग है, लेकिन सरकारी सेवा से बाहर निकलने का फैसला उन्हें एक बार फिर चर्चा में ले आया है।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता है। हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे के पीछे किसी राजनीतिक दबाव या सरकार से जुड़े कारण का उल्लेख नहीं किया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया के लिए पत्र प्राप्त होना जरूरी है। इसलिए अभी उनके इस्तीफे की प्रशासनिक प्रक्रिया भी पूरी होनी बाकी बताई गई है।
अब आगे क्या करेंगी दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल ने अपने पोस्ट में अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। हालांकि उन्होंने जिस तरह ‘अपने लोगों के लिए देखे सपनों’ और देश के लिए काम करने की बात कही है, उससे उनके भविष्य के काम को लेकर अटकलें जरूर लग रही हैं।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि 13 साल की IAS सेवा के बाद उन्होंने अपने करियर का एक बड़ा अध्याय बंद कर दिया है। वहीं उनके पति गगनदीप सिंह पहले ही सरकारी सेवा से बाहर निकलकर वित्तीय क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू कर चुके हैं।
दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह की कहानी उन अफसर दंपतियों में अलग नजर आती है, जिन्होंने विदेश में करियर के अवसर छोड़कर भारत में सिविल सेवा का रास्ता चुना और बाद में सरकारी सेवा से बाहर निकलने का फैसला किया। दिव्या मित्तल का इस्तीफा फिलहाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनकी प्रशासनिक कार्यशैली और जमीनी काम को लेकर उनकी अलग पहचान बनी थी। अब उनकी अगली पारी पर सबकी नजर रहेगी।





