लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम पर बड़ा एक्शन, वकील दीपक नंदा उर्फ खत्री एयरपोर्ट से गिरफ्तार; UAPA में 3 दिन की कस्टडी

जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क की जांच में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम से जुड़े बताए जा रहे वकील दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री उर्फ ‘मामा’ को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि उसका संबंध गैंगस्टरों के बीच संपर्क कराने और हथियारों के नेटवर्क से था।
मामले में कोर्ट ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं, इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
एयरपोर्ट पर पकड़ा गया वकील
रिपोर्टों के मुताबिक दीपक खत्री के खिलाफ पहले लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। पुलिस ने उसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोका और गिरफ्तार किया।
Times of India के मुताबिक वह दुबई से दिल्ली पहुंचा था। पुलिस का कहना है कि वह अलग-अलग आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के बीच संपर्क कराने वाली कड़ी के तौर पर काम कर रहा था।
हथियारों के सिंडिकेट से कनेक्शन का आरोप
दिल्ली क्राइम ब्रांच जिस मामले की जांच कर रही है, उसमें एक हथियार सप्लाई नेटवर्क का भी पता चला है। पुलिस के अनुसार दीपक खत्री के इस नेटवर्क से कथित संबंध सामने आए हैं।
NBT की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से यह भी कहा गया है कि पूछताछ के दौरान हथियारों के सिंडिकेट से उसके कनेक्शन की जानकारी सामने आई। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
ऑनलाइन सट्टे के पैसे से भी कनेक्शन?
NBT की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस का आरोप है कि दीपक नंदा ऑनलाइन सट्टेबाजी से हासिल धनराशि को गैंगस्टरों तक पहुंचाने में भी कथित रूप से शामिल था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पैसों का लेन-देन किस नेटवर्क के जरिए होता था और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
UAPA और Arms Act में कार्रवाई
यह मामला सिर्फ हथियारों की बरामदगी या गैंग से जुड़ी सामान्य जांच तक सीमित नहीं है। दीपक खत्री के खिलाफ Unlawful Activities (Prevention) Act यानी UAPA और Arms Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुछ रिपोर्टों में जबरन वसूली से जुड़ी धाराओं का भी उल्लेख है।
कोर्ट ने पुलिस को तीन दिन की कस्टडी देते हुए माना कि आरोपी से पूछताछ मामले की आगे की जांच के लिए जरूरी है।
लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम से कैसे जुड़ा नाम?
दीपक खत्री का नाम लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम से जुड़े वकीलों में सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट के अप्रैल 2026 के एक आदेश में भी Deepak Nanda का नाम लॉरेंस बिश्नोई की ओर से पेश वकीलों की सूची में दर्ज है।
यानी पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वह लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कथित आपराधिक नेटवर्क की अलग-अलग कड़ियों की जांच कर रही है।
फरवरी की फायरिंग से भी जुड़ रहा मामला
पुलिस जांच में फरवरी 2026 में दिल्ली के यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई फायरिंग की घटना का एंगल भी सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक दीपक खत्री और उसके कुछ सहयोगियों को उस घटना में निशाना बनाया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस घटना और गैंगस्टरों के बीच संपर्क की भूमिका का आपस में क्या संबंध है।
कोर्ट ने क्यों दी 3 दिन की रिमांड?
Rouse Avenue Court ने पुलिस को तीन दिन की कस्टडी दी है। अदालत ने माना कि custodial interrogation की जरूरत है क्योंकि मामले के आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं। अब क्राइम ब्रांच आरोपी से उसके कथित संपर्कों, हथियारों के नेटवर्क और गैंगस्टरों के बीच संचार को लेकर पूछताछ करेगी।
पुलिस अब किन कड़ियों की तलाश में?
जांच में पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि:
- हथियारों के नेटवर्क से कथित संपर्क कैसे बना?
- गैंग के सदस्यों के बीच संपर्क कराने में क्या भूमिका थी?
- ऑनलाइन सट्टे से जुड़े पैसों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था?
- इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं?
- फरवरी की फायरिंग घटना और आरोपी के कथित संपर्कों के बीच क्या संबंध है?
इन सवालों के जवाब पुलिस पूछताछ के बाद सामने आ सकते हैं।
अभी आरोप साबित नहीं हुए हैं
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं। गिरफ्तारी या पुलिस कस्टडी का मतलब यह नहीं है कि आरोपी अदालत में दोषी साबित हो चुका है।
आरोपी की कानूनी टीम ने कोर्ट में आरोपों का विरोध किया है। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में ही आरोपों की पुष्टि या खंडन होगा।
लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क पर लगातार शिकंजा
लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क पर एजेंसियों की कार्रवाई पिछले कुछ समय से तेज रही है। इसी नेटवर्क से जुड़े मामलों में कई आरोपियों और सहयोगियों की जांच हो चुकी है।
ऐसे में लीगल टीम से जुड़े बताए जा रहे व्यक्ति की गिरफ्तारी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पुलिस अब कथित आपराधिक नेटवर्क की फाइनेंसिंग, हथियारों की सप्लाई और कम्युनिकेशन चैनल तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली एयरपोर्ट से दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री की गिरफ्तारी ने लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क की जांच को नया मोड़ दिया है। पुलिस ने उसे UAPA और Arms Act से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है और कोर्ट ने तीन दिन की कस्टडी दी है।
अब पुलिस की पूछताछ में यह साफ होने की कोशिश होगी कि आरोपी की कथित भूमिका सिर्फ कानूनी प्रतिनिधित्व तक सीमित थी या उसका हथियारों, पैसों और गैंगस्टरों के बीच संपर्क वाले नेटवर्क से भी कोई संबंध था। फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है।





