नोएडा में भारी बारिश से हाहाकार, एयरपोर्ट से सेक्टर-18 तक पानी ही पानी; वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

दिल्ली-NCR में मानसून की तेज बारिश ने एक बार फिर शहरों की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। नोएडा और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कें पानी से भर गईं और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बारिश का असर जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी दिखाई दिया, जहां टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र के बीच पानी जमा हो गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एयरपोर्ट की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जलभराव अस्थायी था और टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 30 मिनट के भीतर पानी निकाल दिया। अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान फ्लाइट ऑपरेशन बंद नहीं हुए और यात्रियों की आवाजाही भी जारी रही।
नोएडा एयरपोर्ट पर कहां भरा पानी?
मंगलवार को अचानक हुई तेज बारिश के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले फोरकोर्ट क्षेत्र में पानी जमा हो गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इस हिस्से में काफी पानी दिखाई दे रहा था।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने नए एयरपोर्ट की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी कीं।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया गया। जलभराव के दौरान वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया और पानी हटने के बाद टर्मिनल-पार्किंग के बीच सामान्य आवाजाही बहाल कर दी गई। प्रशासन ने यह भी कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उड़ानों पर पड़ा असर?
इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि एयरपोर्ट पर जलभराव के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित नहीं हुए।
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक यात्रियों का पिक-अप और ड्रॉप तथा उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। जलभराव उस क्षेत्र में था जो टर्मिनल और पार्किंग के बीच आता है। पानी हटाए जाने के बाद वहां वाहनों और यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य हो गई।
इसलिए सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट के पूरी तरह डूबने या उड़ान सेवाएं बंद होने जैसी किसी भी अपुष्ट जानकारी को तथ्य मानकर शेयर करने से बचना चाहिए।
₹11,200 करोड़ के एयरपोर्ट पर उठे सवाल
जलभराव का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट के निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि करीब ₹11,200 करोड़ की लागत से तैयार एयरपोर्ट में पहली बड़ी बारिश के दौरान ही जलभराव होना चिंता का विषय है।
हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें एयरपोर्ट निर्माण में कमी या भ्रष्टाचार का स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट प्रशासन ने पानी जमा होने की घटना को स्वीकार किया है, लेकिन यह भी कहा है कि समस्या को कम समय में दूर कर दिया गया और संचालन सामान्य रहा।
सेक्टर-18 भी बारिश के पानी में डूबा
सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, नोएडा के शहरी इलाकों में भी भारी बारिश के बाद जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आए। सेक्टर-18 में बारिश के बाद कई हिस्सों में पानी भर गया। यह इलाका नोएडा के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है, इसलिए यहां जलभराव का असर आम लोगों और कारोबारियों पर भी दिखाई दिया।
सेक्टर-18 से सामने आए एक वायरल वीडियो में एक महिला जलभराव की स्थिति दिखाते हुए नोएडा को लेकर तंज करती नजर आईं। वीडियो में उन्होंने व्यंग्य करते हुए सवाल उठाया कि क्या शहर की मौजूदा स्थिति उस ‘प्लान्ड सिटी’ की छवि से मेल खाती है, जिसके लिए नोएडा जाना जाता है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
महिला ने कहा- ‘नाव लानी चाहिए थी…’
इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सेक्टर-18 में पानी से भरी सड़कों का वीडियो बनाने वाली महिला की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। उन्होंने जलभराव को लेकर व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद यहां आने के लिए नाव लेकर आना चाहिए था।
इस वीडियो ने नोएडा की बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को एक बार फिर सोशल मीडिया की बहस में ला दिया है।
प्रीमियम सोसायटी में भी जलभराव पर सवाल
नोएडा में बारिश के बाद एक अन्य वायरल वीडियो में एक महिला ने अपनी सोसायटी के बेसमेंट में जमा पानी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने महंगे किराए और मेंटेनेंस चार्ज का जिक्र करते हुए पूछा कि जब निवासी इतनी रकम खर्च करते हैं तो उन्हें बुनियादी सुविधाओं के मामले में ऐसी परेशानी क्यों झेलनी पड़ती है।
हालांकि यह सोशल मीडिया यूजर द्वारा साझा किया गया वीडियो है और इसमें किए गए व्यक्तिगत दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे वायरल वीडियो पर आधारित दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।
नोएडा में बारिश ने फिर उठाया ड्रेनेज का मुद्दा
बारिश के बाद एयरपोर्ट, सेक्टर-18 और दूसरे हिस्सों में जलभराव ने नोएडा की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर पुरानी बहस फिर तेज कर दी है। शहर के कई हिस्सों में बारिश के दौरान पानी जमा होना कोई नई समस्या नहीं है। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि बारिश के बाद पानी कितनी जल्दी हटाया गया, बल्कि यह भी है कि भारी बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था कितनी प्रभावी ढंग से काम करती है।
नोएडा एयरपोर्ट के मामले में फिलहाल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पानी कम समय में निकाल दिया गया और फ्लाइट सेवाएं सामान्य रहीं। लेकिन वायरल वीडियो के बाद नए एयरपोर्ट की मानसून तैयारियों और ड्रेनेज सिस्टम पर सार्वजनिक चर्चा जरूर शुरू हो गई है।
क्या एयरपोर्ट बंद हुआ?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जलभराव अस्थायी था और उड़ान संचालन जारी रहा। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से जुड़ी आवाजाही को भी सामान्य बताया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ था और यहां कमर्शियल ऑपरेशन 15 जून 2026 से शुरू हुआ। ऐसे में मानसून के दौरान सामने आई यह घटना एयरपोर्ट के शुरुआती संचालन के दौरान सामने आने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है।
निष्कर्ष
नोएडा में भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेवर एयरपोर्ट के फोरकोर्ट में पानी जमा होने की तस्वीरें वायरल हुईं, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक स्थिति को करीब 30 मिनट में नियंत्रित कर लिया गया और फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य रहे। दूसरी ओर सेक्टर-18 समेत शहर के कई हिस्सों में जलभराव के वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि वायरल वीडियो और राजनीतिक आरोपों को तथ्य से अलग रखकर देखा जाए। एयरपोर्ट पर जलभराव की घटना हुई थी, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट बंद नहीं हुआ और उड़ान सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं।
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