चतरा मॉब लिंचिंग: प्रत्यक्षदर्शियों का दावा- 200 से 300 लोगों की भीड़ ने इमरोज़ अंसारी को पीटा, पुलिस और मुखिया की भूमिका पर उठे सवाल

चतरा मॉब लिंचिंग: 200-300 लोगों की भीड़, पुलिस और मुखिया की मौजूदगी पर प्रत्यक्षदर्शियों के गंभीर दावे
झारखंड के चतरा जिले के टंडवा प्रखंड में इमरोज़ अंसारी की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। Newsbox Bharat की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान ग्रामीणों, प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना से पहले गांव के एक हिंदू परिवार की युवती लगभग तीन दिनों से लापता थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती के गायब होने का आरोप इमरोज़ अंसारी पर लगाया गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद किसी कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किए बिना भीड़ ने इमरोज़ अंसारी को निशाना बनाया।
Newsbox Bharat से बातचीत में कई प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि घटना के समय करीब 200 से 300 लोगों की भीड़ मौजूद थी। उनका आरोप है कि भीड़ ने इमरोज़ अंसारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जो लोग उन्हें बचाने के लिए आगे आए, उन्हें भी पीटा गया और किसी को बीच-बचाव नहीं करने दिया गया।
पुलिस और मुखिया विजय चौबे पर लगाए आरोप
ग्रामीणों और परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भीड़ को रोकने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया। वहीं, कई प्रत्यक्षदर्शियों ने स्थानीय मुखिया विजय चौबे का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भीड़ का समर्थन किया। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस के साथ-साथ मुखिया विजय चौबे की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए।
परिजनों के साथ मारपीट का भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि इमरोज़ अंसारी की मां, पिता और बुआ के साथ भी मारपीट की गई। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी घटना गांव के सामने हुई और इसके कई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं, जिन्होंने अपने बयान भी दिए हैं। उनका कहना है कि दोषियों की पहचान कर सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
Newsbox Bharat की ग्राउंड रिपोर्ट
Newsbox Bharat की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कई ग्रामीणों, प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से बातचीत की। रिपोर्टिंग के दौरान लोगों ने कैमरे पर अपने बयान दर्ज कराए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होती है, तो घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकते हैं।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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