एमके स्टालिन का विजय सरकार पर हमला, बोले- ‘अहंकार हमेशा बर्बादी की ओर ले जाता है’

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने और बाद में रिहा किए जाने के बाद डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. विजय पर तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने कहा कि सत्ता का अहंकार लोकतंत्र के लिए खतरा है और ऐसी राजनीति का अंत हमेशा बर्बादी में होता है।
उदयनिधि की रिहाई के बाद स्टालिन का बड़ा बयान
उदयनिधि स्टालिन की रिहाई के बाद एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है।
स्टालिन ने कहा कि सरकार को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, न कि विरोधियों को निशाना बनाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। हालांकि अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का इरादा नहीं है और पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
डीएमके ने लगाया राजनीतिक बदले का आरोप
डीएमके नेताओं का कहना है कि सरकार विपक्ष को डराने और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में विरोध प्रदर्शन भी किया और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
विजय सरकार का पक्ष
राज्य सरकार का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। सरकार का दावा है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और इसमें किसी तरह का राजनीतिक भेदभाव नहीं है।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ा टकराव
उदयनिधि स्टालिन की रिहाई के बावजूद डीएमके और विजय सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है।
मुख्य बातें
- उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के बाद रिहा किया गया।
- एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर साधा निशाना।
- डीएमके ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।
- सरकार ने कहा- कानून के तहत हुई कार्रवाई।
- तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाजी तेज।
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