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Wednesday, October 28, 2026
PoK में JAAC प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती और बढ़ता तनाव Image Caption
PoK में JAAC के विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हिंसा और राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।
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PoK में हिंसा चरम पर: 48 घंटे में 31 मौतों का दावा, पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान से बढ़ा विवाद

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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन और लॉन्ग मार्च के दौरान पिछले 48 घंटों में 31 लोगों की मौत का दावा किया गया है। वहीं, जून 2026 से अब तक कुल मृतकों की संख्या 80 से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल संभव नहीं हो सकी है।

शांतिपूर्ण मार्च पर गोलीबारी का आरोप

JAAC के नेताओं सरदार उमर नजीर कश्मीरी और सरदार अमन कश्मीरी ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रावलकोट से मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहे शांतिपूर्ण मार्च पर गोलीबारी की। संगठन का दावा है कि इस कार्रवाई में JAAC के संस्थापक उमर नजीर के छोटे भाई उस्मान नजीर समेत कई प्रदर्शनकारियों की मौत हुई।

JAAC का कहना है कि प्रदर्शनकारी कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को समाप्त करने, राजनीतिक अधिकारों की बहाली और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

“एक व्यक्ति भी बचा तो मार्च जारी रहेगा”

गोलीबारी के बावजूद JAAC ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि यदि केवल एक कार्यकर्ता भी बचा रहेगा तो भी मुजफ्फराबाद तक मार्च जारी रहेगा।

रावलकोट, मीरपुर और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है तथा कई स्थानों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।

ख्वाजा आसिफ का विवादित बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्थानीय टीवी चैनल से बातचीत में प्रदर्शनकारियों को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि:

“मैं PoK के प्रदर्शनकारियों को भारत की ही श्रेणी में रखता हूं और उन्हें भारत की तरह दुश्मन मानता हूं।”

आसिफ ने स्पष्ट किया कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत नहीं करेगी और कानून-व्यवस्था के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान के भीतर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

पाकिस्तान सरकार का क्या कहना है?

पाकिस्तानी प्रशासन का दावा है कि JAAC ने चुनाव प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश की और कुछ स्थानों पर सुरक्षा बलों पर हमला किया गया। सरकार के अनुसार हिंसा में दो सुरक्षा कर्मियों की भी मौत हुई है।

सरकार पहले ही JAAC पर प्रतिबंध लगा चुकी है और संगठन को उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ा बताते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

जून से जारी है आंदोलन

PoK में जून 2026 से महंगाई, बिजली दरों में बढ़ोतरी, राजनीतिक अधिकारों और शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों के मुद्दे पर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। चुनावों के दौरान JAAC के लॉन्ग मार्च और संगठन पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने PoK में हो रही हिंसा पर चिंता जताई है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा वहां कराए जा रहे चुनाव केवल “कॉस्मेटिक एक्सरसाइज” हैं, जिनका उद्देश्य अपने अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश करना है।

स्वतंत्र पुष्टि अब भी मुश्किल

PoK में इंटरनेट और मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण घटनास्थल से स्वतंत्र जानकारी जुटाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर JAAC और पाकिस्तान सरकार के दावों में भी अंतर है। ऐसे में विभिन्न मानवाधिकार संगठनों द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है।

फिलहाल क्या स्थिति है?

  • पिछले 48 घंटों में 31 मौतों का दावा।
  • जून 2026 से अब तक 80 से अधिक मौतों का दावा।
  • रावलकोट, मीरपुर और मुजफ्फराबाद में तनाव।
  • अतिरिक्त सैन्य और अर्धसैनिक बलों की तैनाती।
  • कई इलाकों में कर्फ्यू और संचार प्रतिबंध लागू।
  • मौतों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

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