तमिलनाडु में फंसे 34 झारखंडी मजदूरों की होगी सुरक्षित वापसी, CM हेमंत सोरेन ने दिए तत्काल निर्देश

रांची: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के कन्निगैपैर गांव में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद वहां कार्यरत झारखंड के 34 प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि राज्य का कोई भी मजदूर संकट में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तमिलनाडु प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सभी मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और उनकी हरसंभव सहायता करने का निर्देश दिया है।
अमोनिया गैस रिसाव के बाद बढ़ी चिंता
तिरुवल्लूर जिले के कन्निगैपैर गांव में हुई अमोनिया गैस रिसाव की घटना से कई लोग प्रभावित हुए हैं। घटना के बाद वहां काम कर रहे झारखंड के 34 मजदूरों में भी दहशत का माहौल बन गया, जिसके बाद झारखंड सरकार सक्रिय हो गई।
सरकार की क्या है तैयारी?
- 34 मजदूरों की सूची तैयार कर ली गई है।
- तमिलनाडु प्रशासन के साथ समन्वय कर सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जा रही है।
- जरूरत पड़ने पर विशेष वाहन या बस की व्यवस्था की जाएगी।
- झारखंड लौटने पर सभी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी।
- आवश्यक होने पर आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार अपने सभी प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मजदूर को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सभी को सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।
प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार की पहल
झारखंड सरकार समय-समय पर दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष कदम उठाती रही है। यह कार्रवाई भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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