मोदी कैबिनेट फेरबदल 2026: क्या अरुण गोविल बनेंगे मंत्री? कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के संभावित मोदी कैबिनेट फेरबदल 2026 को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद जल्द ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। संभावित नए चेहरों में मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल और पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।

अरुण गोविल की एंट्री की चर्चा क्यों?
टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अरुण गोविल के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने जनाधार को और मजबूत करने के लिए नए चेहरों को मौका दे सकती है। ऐसे में अरुण गोविल की लोकप्रिय छवि पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद मानी जा रही है।
अयोध्या विवाद के बीच बढ़ी अटकलें
अरुण गोविल का नाम ऐसे समय सामने आया है जब अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा और चढ़ावे के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है।
इस मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान लाखों रुपये बरामद होने और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी की खबरें भी सामने आई हैं। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर सवाल उठा रहा है।
हालांकि, सरकार या भाजपा की ओर से यह नहीं कहा गया है कि संभावित कैबिनेट फेरबदल का इस मामले से कोई संबंध है। इसलिए दोनों विषयों को जोड़कर देखना फिलहाल राजनीतिक अटकलों तक ही सीमित है।
अरुण गोविल को मंत्री बनाए जाने की चर्चा के पीछे वजह
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति।
- रामायण में निभाए गए भगवान राम के किरदार से मिली व्यापक लोकप्रियता।
- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले संगठन को मजबूती देना।
- धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान वाले चेहरे को आगे लाने की संभावना।
शक्तिकांत दास का नाम भी चर्चा में
पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम भी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में सामने आ रहा है। आर्थिक मामलों और वित्तीय नीतियों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल मोदी कैबिनेट विस्तार को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में अरुण गोविल और शक्तिकांत दास सहित सभी नाम अभी केवल राजनीतिक चर्चाओं और मीडिया रिपोर्टों का हिस्सा हैं। अंतिम फैसला कैबिनेट विस्तार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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