बाली ट्रिप, गायब पासपोर्ट और गर्मी में हूडी ने खोला हत्या का राज, मंगेतर और प्रेमी निकले केतन अग्रवाल के कातिल

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले में सामने आया केतन विशाल अग्रवाल हत्याकांड पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। जिस लड़की से कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी, उसी पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या उसकी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी (22) ने मिलकर की। इस मामले में CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल सबूतों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
भव्य शादी की तैयारियों के बीच रची गई केतन की हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार केतन और सिया की शादी नवंबर 2026 में होने वाली थी। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे थे और एक आलीशान समारोह की योजना बनाई जा रही थी। शादी से पहले दोनों परिवारों ने बाली (इंडोनेशिया) की यात्रा की भी योजना बनाई थी, जिसमें सिया का भाई और केतन की बहन भी शामिल होने वाले थे।
बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि इसी दौरान सिया और चेतन के बीच नजदीकियां बढ़ चुकी थीं और दोनों कथित रूप से केतन को रास्ते से हटाने की योजना बना रहे थे।
बाली ट्रिप से पहले गायब हुआ पासपोर्ट
जांच में पता चला कि बाली यात्रा के दिन एयरपोर्ट पहुंचने से पहले केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो गया। पुलिस का दावा है कि लोनावला के एक फूड मॉल में रुकने के दौरान सिया ने फोन लेने का बहाना बनाकर केतन का पासपोर्ट छिपा दिया या उसे नष्ट कर दिया।
पासपोर्ट न मिलने के कारण पूरी विदेश यात्रा रद्द करनी पड़ी। पुलिस का मानना है कि यह पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा था ताकि विदेश जाने की बजाय केतन को किसी स्थानीय पर्यटन स्थल पर ले जाया जा सके, जहां हत्या को दुर्घटना का रूप देना आसान हो।
पहली बार 14 जून को किया गया था प्रयास
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार 14 जून को भी केतन की हत्या की कोशिश की गई थी।
उस दिन केतन को लोहागड़ किले के पास एक ऊंचे स्थान पर ले जाया गया था। आरोप है कि उसे धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह नीचे झाड़ियों में फंस गया और उसकी जान बच गई। उस समय सिया ने कथित तौर पर “सांप दिखाई देने” का बहाना बनाकर स्थिति संभाल ली, जिससे किसी को शक नहीं हुआ।
जन्मदिन के बहाने बुलाया लोहागड़ फोर्ट
18 जून को सिया का जन्मदिन था। पुलिस के मुताबिक इसी दिन हत्या की अंतिम साजिश को अंजाम दिया गया।
सिया ने केतन को जन्मदिन सेलिब्रेशन, ट्रेकिंग और फोटोशूट के बहाने लोनावला स्थित लोहागड़ फोर्ट चलने के लिए कहा। केतन उसके साथ वहां पहुंच गया। दूसरी ओर चेतन अलग रास्ते से फोर्ट पहुंचा ताकि दोनों के बीच कोई सीधा संबंध दिखाई न दे।
केतन की कमजोरी बनी हत्या का कारण
जांच में पता चला कि केतन को एक्रोफोबिया (Acrophobia) यानी ऊंचाई से अत्यधिक डर लगता था। इसके बावजूद उसे फोटो खिंचवाने और प्राकृतिक दृश्य देखने के बहाने एक खतरनाक चट्टानी किनारे तक ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार जब केतन फोटो खिंचवाने में व्यस्त था, तभी पीछे से पहुंचे चेतन ने उसे जोरदार धक्का दे दिया। केतन लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद इसे हादसा बताया गया। दावा किया गया कि तेज हवा और फिसलन के कारण वह संतुलन खो बैठा था।
गर्मी में पहनी हूडी बनी सबसे बड़ा सुराग
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सबूत CCTV फुटेज साबित हुई।
पुणे रूरल पुलिस के अनुसार लोहागड़ फोर्ट और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच के दौरान एक युवक पर अधिकारियों की नजर गई। जून की भीषण गर्मी में वह मोटी विंटर हूडी, सनग्लास और बड़े हेडफोन पहने हुए था। उसका चेहरा लगभग पूरी तरह ढका हुआ था।
फुटेज में यह युवक कई जगहों पर दिखाई दिया—
- लोहागड़ फोर्ट के प्रवेश द्वार पर
- किले के अंदर विभिन्न स्थानों पर
- अप्रोच रोड पर
- उस रास्ते पर जहां से सिया और केतन पहुंचे थे
असामान्य पहनावे और संदिग्ध गतिविधियों के कारण पुलिस को उस पर शक हुआ। बाद में उसकी पहचान चेतन बाबूलाल चौधरी के रूप में हुई।
CCTV ने ऐसे खोली पूरी साजिश
पुलिस ने विभिन्न कैमरों की फुटेज को जोड़कर चेतन की गतिविधियों का पूरा रूट तैयार किया। जांच में पाया गया कि वह घटना के समय फोर्ट परिसर में मौजूद था और लगातार सिया की लोकेशन के आसपास दिखाई दे रहा था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और चैट्स की जांच की। डिजिटल डेटा से दोनों के बीच लगातार संपर्क और कथित प्रेम संबंध की जानकारी सामने आई।
यहीं से जांच दुर्घटना से हटकर हत्या की दिशा में आगे बढ़ी।
पिता को व्यवहार पर हुआ था शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार केतन के पिता को शुरुआत से ही सिया के व्यवहार पर संदेह था। परिवार का कहना था कि घटना के बाद सिया का रवैया सामान्य नहीं था और उसमें वह दुख दिखाई नहीं दे रहा था जिसकी अपेक्षा की जा रही थी।
परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की, जिसने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया।
पूछताछ में खुली परतें
पुलिस ने पहले चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उससे कड़ी पूछताछ की गई। इसके बाद सिया गोयल को भी गिरफ्तार किया गया।
जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस जुटा रही है और सबूत
पुणे रूरल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस कथित साजिश में किसी और व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं। डिजिटल उपकरणों, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी सबूतों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। केतन अग्रवाल हत्याकांड इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि बाहर से सब कुछ सामान्य और खुशहाल दिखाई दे रहा था। शादी की तैयारियां चल रही थीं, विदेश यात्रा की योजना बनी हुई थी और परिवार भविष्य के सपने देख रहा था। लेकिन जांच में सामने आई जानकारी ने इस पूरे मामले को एक कथित प्रेम संबंध, सुनियोजित साजिश और हत्या की कहानी में बदल दिया। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी हुई है।
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