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Wednesday, June 17, 2026
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अमेरिका ने सैन्य कमांड से हटाया ‘इंडो’ शब्द, भारत की रणनीतिक भूमिका पर उठे सवाल

अमेरिका द्वारा US Indo-Pacific Command का नाम बदलकर US Pacific Command किए जाने पर आधारित यूट्यूब थंबनेल। चित्र में डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका और भारत के झंडे, चीन का नक्शा, सैन्य जहाज तथा दोनों कमांड के लोगो दिखाए गए हैं। बड़े हिंदी टेक्स्ट में लिखा है, "अमेरिका ने हटाया 'INDO', क्या भारत की अहमियत घटी?"। थंबनेल भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों और Quad समूह के भविष्य पर सवाल उठाता है।
अमेरिका ने हटाया ‘इंडो’ शब्द, क्या भारत की रणनीतिक अहमियत हो रही है कम?
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अमेरिका के रक्षा विभाग ने अपने सबसे महत्वपूर्ण सैन्य कमांडों में से एक के नाम में बड़ा बदलाव किया है। अमेरिकी प्रशासन ने US Indo-Pacific Command (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से US Pacific Command (USPACOM) कर दिया है। इस फैसले के साथ कमांड के नाम से “इंडो” शब्द हटा दिया गया है, जिसे वर्ष 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान जोड़ा गया था।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी सैन्य कमांड का मूल नाम US Pacific Command था, जो 1947 से अस्तित्व में था। मई 2018 में ट्रंप प्रशासन ने इसका नाम बदलकर US Indo-Pacific Command कर दिया था। उस समय अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा था कि भारत और प्रशांत महासागर क्षेत्र की बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक कनेक्टिविटी को देखते हुए यह बदलाव आवश्यक था।

अब 16 जून 2026 को अमेरिकी रक्षा विभाग ने फिर से पुराने नाम USPACOM को बहाल कर दिया है।

पेंटागन ने क्या कहा?

पेंटागन के अनुसार यह बदलाव केवल ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है। विभाग का कहना है कि “Pacific Command” नाम अमेरिकी सैन्य इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और इसे पुनः अपनाने से सैनिकों के बीच गौरव और परंपरा की भावना मजबूत होगी।

हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस नाम परिवर्तन से कमांड की जिम्मेदारियों, क्षेत्राधिकार या सैन्य अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

भारत के लिए क्या मायने?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2018 में “Indo” शब्द जोड़ना भारत की बढ़ती वैश्विक और रणनीतिक भूमिका का प्रतीक था, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की अमेरिकी रणनीति के तहत।

अब इस शब्द को हटाने के बाद भारत में राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अमेरिका की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत हो सकता है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की कि क्या यह Quad समूह की अहमियत कम होने का संकेत है।

क्या चीन से जुड़ा है यह फैसला?

कुछ विशेषज्ञों और राजनीतिक नेताओं का मानना है कि यह कदम चीन के प्रति ट्रंप प्रशासन के अपेक्षाकृत नरम रुख का संकेत हो सकता है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और क्षेत्रीय साझेदारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

नक्शे को लेकर भी विवाद

इसी बीच कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संबंधित सैन्य कमांड की वेबसाइट पर भारत का ऐसा नक्शा दिखाया गया, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को पाकिस्तान का हिस्सा दर्शाया गया है। इस दावे के बाद भारत में नाराजगी देखने को मिली है और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है।

महत्वपूर्ण टाइमलाइन

  • 1947: US Pacific Command की स्थापना।
  • मई 2018: ट्रंप प्रशासन ने नाम बदलकर US Indo-Pacific Command किया।
  • 16 जून 2026: फिर से US Pacific Command नाम बहाल।

हालांकि अमेरिकी सरकार इसे केवल एक प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक बदलाव बता रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रतीकों का भी बड़ा महत्व होता है। भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग, Quad साझेदारी, MALABAR नौसैनिक अभ्यास और 2+2 संवाद जैसी व्यवस्थाएं फिलहाल मजबूत बनी हुई हैं। फिर भी इस नाम परिवर्तन को लेकर आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक चर्चाएं तेज रहने की संभावना है।

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