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Friday, May 1, 2026
JHARKHAND NEWS

सरहुल पर्व पर सीएम हेमंत सोरेन ने की पूजा, बोले—प्रकृति है तो जीवन है

Jharkhand Chief Minister Hemant Soren performing Sarhul puja at Sirmatoli Sarna Sthal in Ranchi with traditional tribal rituals
सरहुल के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिरमटोली सरना स्थल में की पूजा 🌿 प्रकृति, संस्कृति और एकता का दिया संदेश
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रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन के साथ रांची के सिरमटोली स्थित सरना स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान आदिवासी परंपरा के अनुसार पाहन ने पूजा संपन्न कराई और मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) का फूल खोंसकर आशीर्वाद दिया, जो प्रकृति और मानव के गहरे संबंध का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति से जुड़ाव, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से बड़ा कोई तंत्र नहीं है और हमें इसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने राज्यवासियों को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

परंपरा हमारे पूर्वजों की देन है

करमटोली स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर में आयोजित सरहुल महोत्सव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरहुल का पर्व आदिवासी समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों की देन है, जिसे हमें आने वाली पीढ़ियों तक जिम्मेदारी के साथ पहुंचाना है।

“प्रकृति से बड़ी कोई पूजा नहीं है

उन्होंने प्रकृति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “प्रकृति से बड़ी कोई पूजा नहीं है। प्रकृति है तो मानव जीवन है, और यदि प्रकृति नहीं होती तो जीवन की कल्पना भी संभव नहीं होती।” उन्होंने कहा कि समस्त जीव-जंतु और यह संपूर्ण सृष्टि प्रकृति की ही देन है, जिसके प्रति आदिवासी समाज की गहरी आस्था है।

मुख्यमंत्री ने मांदर बजाया

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मांदर बजाकर सरहुल महोत्सव की खुशियों को और बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हमें प्रकृति के साथ अपने संबंध को और मजबूत करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिकवादी जीवनशैली के बीच हमें अपनी पारंपरिक व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को बचाए रखना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रकृति की रक्षा करें, तभी मानव जीवन सुरक्षित रह सकेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को सरहुल पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। वहीं, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी लोगों को सरहुल महोत्सव की बधाई दी। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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