अब धान खरीद में नहीं चलेगी बिचौलियागिरी! खेतों का होगा सत्यापन, CCTV से रखी जाएगी नजर
झारखंड के किसानों को धान का मिलेगा उचित मूल्य, बिचौलियों पर लगेगी लगाम: इरफान अंसारी
रांची: झारखंड के किसानों के लिए धान की खरीद को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों की तैयारी की है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और धान खरीद के नाम पर होने वाली बिचौलियागिरी तथा अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड के किसानों को उनकी मेहनत का पूरा हक दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इस बार किसानों को धान की बेहतर पैदावार का उचित लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसानों की फसल का सही आकलन करने के लिए खेतों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि कोई भी किसान अपने अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों के बिचौलियों को झारखंड की धान खरीद व्यवस्था में गड़बड़ी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
धान अधिप्राप्ति योजना में व्यापक बदलाव की तैयारी
मंत्री की पहल पर खरीफ विपणन मौसम 2025-26 और आगामी वर्षों के लिए संचालित झारखंड राज्य धान अधिप्राप्ति योजना में व्यापक संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत धान की खरीद, परिवहन, भंडारण और मिलिंग की पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने की योजना है।किसानों का ई-केवाईसी और जमीन का सत्यापन अनिवार्यनई व्यवस्था के तहत धान बेचने वाले किसानों का पंजीकरण और सत्यापन अधिक व्यवस्थित किया जाएगा। किसानों की जमीन का सत्यापन अंचल कार्यालय के माध्यम से कराने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही प्रत्येक पंजीकृत किसान का ई-केवाईसी अनिवार्य किया जाएगा। इससे वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करने और फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
CCTV कैमरों की निगरानी में होंगे धान अधिप्राप्ति केंद्र
धान खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वजन, धान की स्टैकिंग और लोडिंग वाले स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने का प्रावधान प्रस्तावित है। इन कैमरों को झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। CCTV फुटेज को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा।GPS से होगी धान और चावल के परिवहन की निगरानीधान और चावल के परिवहन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए वाहनों में GPS/VLTS उपकरण लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इसके माध्यम से अधिप्राप्ति केंद्रों से राइस मिलों तक धान और मिलों से निर्धारित डिपो तक चावल की आवाजाही पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।बकायेदार केंद्रों और विवादित राइस मिलों पर कार्रवाई की तैयारीनई व्यवस्था में उन अधिप्राप्ति केंद्रों और राइस मिलों पर भी सख्ती करने का प्रस्ताव है, जिनके खिलाफ पिछले वर्षों की बकाया राशि, देयता या वसूली लंबित है। निगम के साथ विवाद रखने वाली राइस मिलों को लेकर भी कड़े प्रावधान तैयार किए गए हैं। इसके अलावा झारखंड के बाहर स्थित राइस मिलों को धान की मिलिंग के लिए संबद्ध नहीं करने का प्रस्ताव है।Improved Rice और QR Tagged बोरियों को मिलेगा बढ़ावाखरीफ विपणन मौसम 2026-27 में भारत सरकार की ओर से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कुल लक्ष्य का 25 प्रतिशत Improved Rice (IR) मिलरों से प्राप्त करने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही QR Tagged बोरियों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे चावल की पहचान और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगी सरकारमंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि किसानों की मेहनत, उनकी उपज और उनके अधिकारों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। धान अधिप्राप्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना सरकार का संकल्प है।सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य वास्तविक किसानों को लाभ पहुंचाना, बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना और धान खरीद से लेकर चावल की आपूर्ति तक पूरी व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।






