About News Box Bharat

News Box Bharat
News Box Bharat brings you the latest Hindi news, breaking news, and Jharkhand news, covering politics, business, sports, entertainment, and important national updates. Our mission is to keep you informed with timely news and reliable information.

Recent Posts

+91 6205-216-893 mailnewsboxbharat@gmail.com
Tuesday, November 3, 2026
Latest Hindi News

खूंटी में जल जीवन मिशन की योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, 3.50 करोड़ के भुगतान पर उठे सवाल

Share the post

रांची: खूंटी जिले में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया गया है। झारखंड छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि कई गांवों में जलापूर्ति योजनाओं का काम पूरा किए बिना ही ठेकेदारों को सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं, अधूरी योजनाओं को विभागीय दस्तावेजों और पोर्टल पर पूर्ण दिखाकर पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया।इस मामले को लेकर झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 3 नवंबर 2026 को कांके स्थित विश्वा सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को मांग पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।एस अली ने मंत्री को बताया कि वर्ष 2022-23 में खूंटी जिले के विभिन्न पंचायतों और गांवों में जल जीवन मिशन के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं शुरू की गई थीं। लेकिन आरोप है कि निर्धारित मानकों और विभागीय नियमों की अनदेखी करते हुए कई योजनाओं में बिना काम किए या अधूरा काम होने के बावजूद भुगतान कर दिया गया।प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, खूंटी प्रखंड की लांदुप पंचायत के क्लस्टर-8B में कुल 82 जलापूर्ति योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इनमें चोनदोरो, दाखिला, दुल्ली/दुलमी, जोजोहातु, करेटुमडीह, किर्रा, कटुद, लांदुप, लोटोर, नचितोला, पात्रा टोली, पीरीहातु, रंगरूम, रंगाडीह, सिरलेम और उतरांग सहित कई गांव शामिल हैं।एस अली का दावा है कि विभागीय फाइलों और पोर्टल पर इनमें से 38 योजनाओं को पूर्ण दिखाया गया है, जबकि धरातल पर केवल 7 योजनाएं ही पूरी हुई हैं। वहीं, 8 योजनाओं में पहुंच पथ तक का निर्माण नहीं कराया गया, जिसके कारण ये संरचनाएं उपयोग के लायक नहीं हैं। शेष 67 योजनाएं भी अधूरी बताई गई हैं।प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि इन अधूरी योजनाओं के बावजूद संबंधित एजेंसी को करीब 3.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसी तरह की अनियमितता खूंटी जिले के क्लस्टर-8A, 9A, 9B, 10A, 10B और 11A में भी होने का आरोप लगाया गया है।एस अली ने कहा कि नियमानुसार किसी भी योजना का भुगतान करने से पहले थर्ड पार्टी निरीक्षण (TPIA) और धरातलीय सत्यापन अनिवार्य है। कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद ही संवेदक को भुगतान किया जाना चाहिए। लेकिन आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने नियमों और सरकारी निर्देशों की अनदेखी करते हुए अधूरी योजनाओं को पूर्ण घोषित कर दिया और संवेदकों को अनुचित लाभ पहुंचाया।प्रतिनिधिमंडल ने तत्कालीन कनीय अभियंता रामजी प्रसाद, सहायक अभियंता राम सुंदर राम, कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर तथा संबंधित एजेंसियों के संवेदकों सरोज नारायण प्रसाद सिंह और समीर सौरव की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने प्रतिनिधिमंडल की सभी शिकायतों और मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।इस मौके पर संगठन के रंजीत उरांव, विकास होरो, मोहम्मद फुरकान, जियाउद्दीन अंसारी, गुलजार खान, मोहम्मद आसिफ, सरफराज सामी, अबुरेहान, मजीद आलम, इस्राइल अंसारी, इमरान जिलानी और सुरेश मुंडा सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

Leave a Response