अभिजीत दीपके का मजाकिया बयान- ‘मैं और आशुतोष पिट चुके, अब सौरव का नंबर! 5 सितंबर को दिल्ली में मार्च का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक बयान इन दिनों चर्चा में है। जयपुर में पार्टी नेताओं के साथ हुई कथित मारपीट का जिक्र करते हुए दीपके ने अपने ही साथी सौरव दास से मजाकिया अंदाज में कहा कि “मैं पिट लिया, ये (आशुतोष रांका) पिट लिया, अब सौरव बचा है, उसका भी नंबर आएगा।” यह बात उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कही।
हालांकि, दीपके ने इस बयान को हिंसा की धमकी के तौर पर नहीं बल्कि अपने ऊपर और आशुतोष रांका पर हुए कथित हमलों के संदर्भ में मजाकिया अंदाज में कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वे “पिटकर आने वाले लोग” हैं।
5 सितंबर को दिल्ली में मार्च
CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। दीपके के मुताबिक, इस प्रदर्शन के पीछे पार्टी की दो प्रमुख मांगें हैं।
पहली मांग है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR वापस ली जाए और दूसरी मांग है कि कथित रूप से प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। दीपके ने कहा कि ये परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कई परिवारों पर बच्चों की पढ़ाई के लिए लिए गए कर्ज का बोझ है।
क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
दीपके ने कहा कि CJP लंबे समय से छात्रों और उनके परिवारों के मुद्दे उठा रही है। उनका आरोप है कि सरकार से जिन मांगों को लेकर बातचीत हुई थी, उन पर अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने खास तौर पर छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग दोहराई।
जयपुर में क्या हुआ था?
CJP नेताओं के मुताबिक, जयपुर में अलग-अलग घटनाओं में पार्टी से जुड़े नेताओं के साथ कथित मारपीट हुई।
आशुतोष रांका ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने जा रहे थे। इसी दौरान जयपुर के बगरू इलाके में उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। CJP ने इस घटना पर कार्रवाई की मांग की है।
इससे पहले जून में अभिजीत दीपके के साथ भी जयपुर में कथित धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करने जाते समय भीड़ में कुछ लोगों ने उनका स्कार्फ खींचा और उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की।
आशुतोष बोले- हमें डर नहीं
जयपुर की घटना के बाद संभावित हिंसा को लेकर सवाल पूछे जाने पर आशुतोष रांका ने कहा कि उन्हें डर नहीं है। उन्होंने बताया कि जयपुर की घटना के बाद भी वे दूसरे इलाकों में गए और राजस्थान में आगे भी दौरे की योजना थी।
रांका का कहना था कि उनका उद्देश्य चुनाव में वोट मांगना नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की स्थिति जैसे मुद्दों को उठाना है। उन्होंने राजस्थान के एक स्कूल की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूलों को बेहतर किया जाना चाहिए।
सौरव दास ने क्या कहा?
कार्यक्रम में सौरव दास ने भी CJP की मांगों और सरकार के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किए गए वादों पर आगे कार्रवाई की जरूरत है।
दास ने सुप्रीम कोर्ट की 18 अगस्त की सुनवाई का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अदालत के सामने FIR और पीड़ित परिवारों के मुआवजे से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।
अब नजर 5 सितंबर के मार्च पर
CJP के नेताओं के बयानों के बीच अब सबकी नजर 5 सितंबर के प्रस्तावित इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय मार्च पर है। पार्टी इसे शांतिपूर्ण मार्च बता रही है और छात्रों से जुड़े मामलों तथा प्रभावित परिवारों के मुआवजे को अपना मुख्य मुद्दा बना रही है।
वहीं, जयपुर में नेताओं के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर भी विवाद जारी है। ऐसे में 5 सितंबर का कार्यक्रम CJP के लिए राजनीतिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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