कुकू कोहली का निधन: ‘फूल और कांटे’ से अजय देवगन को स्टार बनाने वाले निर्देशक को अंतिम विदाई

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 25 अगस्त 2026 को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आखिरी सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा था। उनके निधन की खबर उनकी पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी के प्रवक्ता ने साझा की।
कुकू कोहली का नाम हिंदी सिनेमा में खास तौर पर ‘फूल और कांटे’ के लिए याद किया जाएगा। 1991 में आई इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि इसी फिल्म से अजय देवगन ने बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में कदम रखा था।
अंतिम विदाई में भावुक दिखीं अरुणा ईरानी
कुकू कोहली के निधन के अगले दिन, 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी अरुणा ईरानी बेहद भावुक और दुखी नजर आईं।
फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार और फिल्ममेकर भी कुकू कोहली को अंतिम विदाई देने पहुंचे। इनमें विक्की कौशल, कैटरीना कैफ और रोहित शेट्टी समेत कई बॉलीवुड हस्तियां शामिल थीं।
कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी के लिए यह बेहद मुश्किल समय रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपने पति के निधन के बाद सार्वजनिक रूप से काफी भावुक नजर आईं।
कौन थे कुकू कोहली?
कुकू कोहली का जन्म अवतार कोहली के रूप में 4 जून 1949 को पेशावर में हुआ था। फिल्म निर्देशन में आने से पहले उन्होंने इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर राज कपूर के साथ काम किया। इसके बाद उन्होंने राहुल रवैल के साथ भी काम किया और फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं।
उन्होंने अपने शुरुआती करियर में Bobby, Prem Rog और Satyam Shivam Sundaram जैसी फिल्मों से जुड़े काम किए। बाद में वह Betaab और Arjun जैसी फिल्मों में भी सेकेंड यूनिट से जुड़े रहे।
यानी निर्देशक के तौर पर पहचान बनाने से पहले कुकू कोहली ने पर्दे के पीछे रहकर लंबे समय तक फिल्म निर्माण को करीब से समझा था।
‘फूल और कांटे’ ने बदल दी अजय देवगन की जिंदगी
कुकू कोहली के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 1991 की ‘फूल और कांटे’ रही। फिल्म में अजय देवगन और मधु मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि अमरीश पुरी, अरुणा ईरानी और जगदीप जैसे कलाकार भी इसका हिस्सा थे।
फिल्म की सबसे चर्चित चीजों में अजय देवगन का वह आइकॉनिक एंट्री सीन भी शामिल था, जिसमें वह चलती दो मोटरसाइकिलों पर दोनों पैर रखकर खड़े नजर आए थे। इस स्टंट ने उनकी एंट्री को यादगार बना दिया।
फिल्म की सफलता ने अजय देवगन के करियर को मजबूत शुरुआत दी और कुकू कोहली की पहचान एक सफल कमर्शियल फिल्ममेकर के रूप में बन गई।
अजय देवगन ने दी भावुक श्रद्धांजलि
कुकू कोहली के निधन के बाद अजय देवगन ने भी उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जिंदगी की दिशा बदल देते हैं और कुकू कोहली उनके लिए ऐसे ही व्यक्ति थे। अजय ने उनके विश्वास और अपने करियर की शुरुआत में दिए मौके के लिए आभार जताया।
अजय और कुकू कोहली का रिश्ता सिर्फ फूल और कांटे तक सीमित नहीं रहा। दोनों ने बाद में ‘सुहाग’ जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया।
‘सुहाग’ और ‘हकीकत’ समेत कई यादगार फिल्में
‘फूल और कांटे’ के बाद कुकू कोहली ने कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया।
उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘कोहराम’, ‘सुहाग’, ‘हकीकत’, ‘जुल्मी’, ‘अनाड़ी नंबर 1’ और ‘ये दिल आशिकाना’ शामिल हैं।
1994 में आई ‘सुहाग’ में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। फिल्म में करिश्मा कपूर और नगमा भी थीं और यह उस दौर की सफल फिल्मों में शामिल रही।
इसके बाद कुकू कोहली ने अजय देवगन के साथ हकीकत और अक्षय कुमार के साथ जुल्मी जैसी फिल्मों में भी काम किया।
2004 में आई थी आखिरी फिल्म
2000 के दशक में कुकू कोहली ने कम फिल्में बनाईं। ‘ये दिल आशिकाना’ 2002 में आई, जबकि उनकी आखिरी निर्देशित फिल्म ‘वो तेरा नाम था’ 2004 में रिलीज हुई।
इसके बाद वह निर्देशन से काफी हद तक दूर हो गए। हालांकि, जनवरी 2026 में ये दिल आशिकाना की दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से बात की थी।
अरुणा ईरानी के साथ 1990 में हुई थी शादी
कुकू कोहली और दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी की शादी 1990 में हुई थी। यह कुकू कोहली की दूसरी शादी थी। पहली शादी से उनकी दो बेटियां—पूजा कोहली और करिश्मा कोहली—हैं।
अरुणा ईरानी खुद हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं और उन्होंने लंबे समय तक फिल्मों में काम किया है।
बॉलीवुड ने खोया 90 के दशक का एक अहम फिल्ममेकर
कुकू कोहली का करियर भले ही कुछ फिल्मों तक सीमित रहा, लेकिन 1990 के दशक में उनकी फिल्मों ने कमर्शियल हिंदी सिनेमा पर अपनी छाप छोड़ी। खास तौर पर अजय देवगन जैसे बड़े स्टार को लॉन्च करना उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाएगा।
उनके निधन के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया, जिसने पर्दे के पीछे लंबे अनुभव के बाद एक नई पीढ़ी के कलाकार को मौका दिया और 90 के दशक की कई लोकप्रिय फिल्मों का हिस्सा रहा।
कुकू कोहली अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ‘फूल और कांटे’ की वह दो बाइक वाली एंट्री और अजय देवगन के करियर की शुरुआत में उनका योगदान हिंदी सिनेमा के इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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