फर्स्ट AC में सो रहे 78 वर्षीय यात्री की नाक चूहे ने काटी, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

ट्रेन के फर्स्ट AC कोच में सफर को आमतौर पर आराम और बेहतर सुविधाओं से जोड़ा जाता है, लेकिन ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस में एक बुजुर्ग यात्री के साथ हुई घटना ने रेलवे की सफाई और चूहा नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे 78 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी एचपी करण की सोते समय चूहे ने नाक काट ली। घटना के बाद उनकी नाक से खून निकलने लगा और परिवार के लोग घबरा गए।
फर्स्ट AC कोच में सोते समय हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक एचपी करण अपने परिवार के साथ ट्रेन संख्या 19308 ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस से चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे थे। परिवार के अनुसार ट्रेन में सवार होने के कुछ समय बाद ही कोच में चूहा दिखाई दिया था।
परिवार ने इसकी जानकारी रेलवे कर्मचारियों को दी और कोच में गंदगी की शिकायत भी की। परिजनों का आरोप है कि कर्मचारियों ने सफाई तो कर दी, लेकिन चूहे को पकड़ने या उसे हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
रात करीब 10:30 बजे एचपी करण अपनी बर्थ पर सो रहे थे। इसी दौरान चूहे ने उनकी नाक काट ली। तेज दर्द और खून निकलने के कारण उनकी नींद खुली। घटना के बाद कोच में अफरा-तफरी मच गई।
आगरा में मिला प्राथमिक उपचार
घटना उस समय हुई जब ट्रेन आगरा रेलवे मंडल के क्षेत्र से गुजर रही थी। शिकायत मिलने के बाद यात्री को आगरा में प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
इसके बाद ट्रेन के इंदौर पहुंचने पर परिवार एचपी करण को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गया। रिपोर्टों के मुताबिक डॉक्टरों ने संक्रमण और रेबीज से बचाव के लिए एंटी-रेबीज का पहला इंजेक्शन लगाया।
परिवार ने पहले ही की थी चूहे की शिकायत
इस मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि परिवार के मुताबिक चूहा घटना से पहले ही कोच में दिखाई दे चुका था। परिजनों ने रेलवे कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी थी।
परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद केवल गंदगी साफ की गई, लेकिन चूहे को हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसी के बाद सोते हुए बुजुर्ग यात्री को चूहे ने काट लिया।
हालांकि रेलवे की ओर से यह कहा गया है कि ट्रेन में निर्धारित रोडेंट कंट्रोल और पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था की जाती है।
रेलवे ने क्या कहा?
पश्चिम रेलवे के अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, ट्रेन को इंदौर से ऊना हिमाचल के लिए रवाना करने से पहले निर्धारित एंटी-रोडेंट प्रक्रिया पूरी की गई थी। रेलवे ने संभावना जताई कि रास्ते में किसी स्थान पर कोच का दरवाजा खुला रहने के कारण चूहा ट्रेन में प्रवेश कर गया हो सकता है।
रेलवे के मुताबिक ट्रेनों में रोडेंट कंट्रोल नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। एक रिपोर्ट के अनुसार पेस्ट कंट्रोल भी निर्धारित अंतराल पर किया जाता है। घटना सामने आने के बाद पूरी ट्रेन की दोबारा जांच किए जाने की बात भी सामने आई है।
फर्स्ट AC की सुविधा पर सवाल
फर्स्ट AC में यात्रा करने वाले यात्रियों से बेहतर सुविधा और स्वच्छता की उम्मीद रहती है। ऐसे में इस घटना ने रेलवे के प्रीमियम कोचों में सफाई और पेस्ट कंट्रोल की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।
रेलवे की ओर से यह भी बताया गया है कि फर्स्ट AC कोच में आपात स्थिति के लिए अटेंडेंट की सहायता लेने और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था होती है।
घटना की बड़ी बातें
- 78 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे थे।
- यात्रा ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच में हो रही थी।
- रात करीब 10:30 बजे सोते समय चूहे ने उनकी नाक काटी।
- परिवार के मुताबिक घटना से पहले कोच में चूहा दिखाई दिया था।
- आगरा में यात्री को प्राथमिक उपचार मिला।
- इंदौर पहुंचने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
- डॉक्टरों ने एंटी-रेबीज उपचार शुरू किया।
- रेलवे ने ट्रेन में रोडेंट कंट्रोल किए जाने की बात कही है।
- रेलवे ने घटना के बाद ट्रेन की दोबारा जांच की बात कही है।
अब सबसे बड़ा सवाल
इस घटना के बाद सवाल सिर्फ एक यात्री के साथ हुई दुर्घटना का नहीं, बल्कि ट्रेन के अंदर साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था का भी है। अगर किसी कोच में चूहा दिखाई देने की शिकायत पहले ही मिल गई थी, तो उसके बाद तत्काल प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई—यह सवाल परिवार और यात्रियों की ओर से उठाया जा रहा है।
दूसरी ओर, रेलवे का कहना है कि ट्रेन में निर्धारित रोडेंट कंट्रोल प्रक्रिया अपनाई जाती है और रास्ते में किसी कारण से चूहा कोच में पहुंचने की संभावना हो सकती है। अब घटना के बाद होने वाली जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि चूहा कोच में कैसे पहुंचा और शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई थी।
ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच में हुई यह घटना रेलवे की सफाई व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है। एक बुजुर्ग यात्री के सोते समय चूहे द्वारा काटे जाने के बाद रेलवे की जिम्मेदारी और कोच में पेस्ट कंट्रोल की प्रभावशीलता पर चर्चा तेज हो गई है। अब यात्रियों की नजर रेलवे की जांच और आगे की कार्रवाई पर रहेगी।
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