दक्षिणी जापान में 7.1 तीव्रता का भूकंप, सुनामी चेतावनी के बाद दहशत; हजारों घरों की बिजली गुल

दक्षिणी जापान के कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। भूकंप के झटके कुमामोटो के अलावा नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रांतों तक महसूस किए गए। भूकंप के बाद जापान मौसम एजेंसी (JMA) ने सुनामी की चेतावनी जारी की, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।

उकी शहर के पास था भूकंप का केंद्र
जापान मौसम एजेंसी के अनुसार भूकंप का केंद्र कुमामोटो प्रांत के उकी शहर के पास जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। तेज झटकों के कारण लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
हजारों घरों की बिजली गुल, ट्रेन सेवाएं प्रभावित
भूकंप के कारण लगभग 40,000 से 48,000 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं जेआर क्यूशू ने सुरक्षा के मद्देनजर अपनी कई ट्रेन सेवाएं, जिनमें बुलेट ट्रेन भी शामिल है, अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं।
सड़कों और इमारतों को नुकसान
कई इलाकों में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने की खबर है। कुछ इमारतों में दरारें भी आई हैं। स्थानीय अस्पतालों में 50 से अधिक घायल लोगों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अब तक किसी बड़े पैमाने पर जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
उद्योगों पर भी असर
भूकंप प्रभावित क्षेत्र में सोनी और टीएसएमसी जैसी बड़ी कंपनियों के संयंत्र मौजूद हैं। एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि आसपास स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या रेडिएशन रिसाव की सूचना नहीं मिली।
प्रधानमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जापान की प्रधानमंत्री सनाए टाकाइची ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस तीव्रता के बाद आफ्टरशॉक या दूसरा बड़ा भूकंप आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रही है।
पहले भी झेल चुका है बड़ी तबाही
कुमामोटो क्षेत्र पहले भी विनाशकारी भूकंप का सामना कर चुका है। वर्ष 2016 में आए भीषण भूकंप में 275 लोगों की मौत हुई थी और हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
क्यों बार-बार आता है जापान में भूकंप?
जापान प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इसी वजह से यह दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है और यहां अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं।
मुख्य बातें
- 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दक्षिणी जापान में आया।
- कुमामोटो के उकी शहर के पास था भूकंप का केंद्र।
- सुनामी चेतावनी जारी हुई, बाद में हटा ली गई।
- 40 से 48 हजार घरों की बिजली बाधित।
- बुलेट ट्रेन सहित कई रेल सेवाएं रोकी गईं।
- कई सड़कें और इमारतें क्षतिग्रस्त, दर्जनों लोग घायल।
- परमाणु ऊर्जा संयंत्र सुरक्षित, कोई अनियमितता नहीं मिली।
👉 यह भी पढ़ें:





