ई बिहार है भैया! वॉटर कैनन के नीचे डांस, फिर दूसरे दिन हिंसा… CJP आंदोलन का वायरल और गंभीर दोनों चेहरा

बिहार में NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे CJP (Cockroach Janata Party) के छात्र आंदोलन के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने पूरे सोशल मीडिया का ध्यान खींच लिया।
पटना के प्रदर्शन के दौरान पुलिस वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर रही थी। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिसकर्मियों से मजाकिया अंदाज में कहा कि “सर, बहुत गर्मी है… वॉटर कैनन चला दीजिए।” इसके बाद पानी की बौछार शुरू हुई और कई छात्र वहीं नाचने लगे। किसी ने गाना चला दिया, बैरिकेड के पास ही माहौल कुछ देर के लिए उत्सव जैसा दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी मुस्कान नजर आई। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
हालांकि, यह वायरल दृश्य आंदोलन की पूरी तस्वीर नहीं था।
पटना में प्रदर्शन हुआ उग्र
23–24 जुलाई को पटना के डाक बंगला चौराहा सहित कई इलाकों में प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, बैरिकेड हटाए गए और कई जगह तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कई जिलों में हिंसा की खबरें
अगले दिन बिहार के कई जिलों से हिंसक झड़पों की खबरें सामने आईं।
- जहानाबाद में पथराव और हवाई फायरिंग की घटनाएं सामने आईं, जिनमें पुलिस अधिकारी भी घायल हुए।
- दरभंगा के लोहिया चौक पर प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।
- कटिहार में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
- बेगूसराय, मुंगेर और मुजफ्फरपुर सहित अन्य जिलों में भी प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आईं।
रिपोर्टों के अनुसार, राज्यभर में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है तथा छात्र और पुलिसकर्मी दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। कई स्थानों पर सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
CJP की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी संगठन ने अपनी मांगों में शामिल किया है:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- सोनम वांगचुक की रिहाई।
- आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा।
- आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेना।
बिहार और छात्र आंदोलनों का इतिहास
बिहार लंबे समय से छात्र और जन आंदोलनों की भूमि रहा है। 1955, 1974 के छात्र आंदोलन और बाद के कई बड़े राजनीतिक आंदोलनों ने राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित किया। NEET पेपर लीक विवाद के बाद 2026 का यह आंदोलन भी उसी परंपरा की नई कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
पटना का वॉटर कैनन वाला वीडियो आंदोलन का हल्का और मानवीय पक्ष दिखाता है, लेकिन इसके साथ ही बिहार के कई हिस्सों में हुई हिंसा, झड़पें और पुलिस कार्रवाई इस आंदोलन की गंभीरता भी सामने लाती हैं। फिलहाल पूरे देश की नजर इस आंदोलन और सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।
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