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Sunday, October 18, 2026
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ।
रांची में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
JHARKHAND NEWSNews

हेमन्त सोरेन ने कृषि विभाग की समीक्षा में दिए बड़े निर्देश, हर जिले में मॉडल किसान पाठशाला और प्रमंडल स्तर पर लगेगा कृषि व्यापार मेला

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की सभी किसान हितैषी योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। बैठक में उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित खेती, पशुपालन, सिंचाई, दलहन एवं मिलेट उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

हर जिले में बनेगी मॉडल किसान पाठशाला

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक जिले में कम-से-कम एक मॉडल किसान पाठशाला शुरू की जाए। यहां किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीक, उन्नत बीज, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में राज्य में 57 किसान पाठशालाएं संचालित हैं, जिन्हें और मजबूत बनाने की बात भी कही गई।

सभी प्रमंडलों में लगेगा कृषि व्यापार मेला

रांची में आयोजित राज्यस्तरीय कृषि व्यापार मेले की सफलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आने वाले वर्षों में राज्य के सभी प्रमंडलों में कृषि व्यापार मेले आयोजित किए जाएं, ताकि किसान नई तकनीकों, कृषि उपकरणों और बाजार से सीधे जुड़ सकें।

किसान समृद्धि योजना को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान समृद्धि योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को सोलर पंपसेट उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत घटेगी, बिजली पर निर्भरता कम होगी और किसानों की आय बढ़ेगी। इसके लिए जेरेडा और पीएम कुसुम योजना के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया गया।

दलहन और मिलेट की खेती पर विशेष फोकस

कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दलहन और मिलेट जैसी कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से पलामू प्रमंडल और अन्य कम वर्षा वाले जिलों के किसानों को इन फसलों की ओर प्रोत्साहित करने की बात कही। साथ ही जैविक खेती, जल संरक्षण और व्यावसायिक कृषि को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।

पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

समीक्षा बैठक में पशुपालन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पशुपालकों का डेटाबेस तैयार करने, डेयरी नेटवर्क मजबूत करने और प्रमंडल स्तर पर पशु मेले आयोजित करने के निर्देश दिए।

कृषि में तकनीक और पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को मौसम आधारित सलाह, आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने जिला और प्रखंड स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा सहकारी समितियों, लैम्प्स और पैक्स को अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश भी दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से की बात

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गढ़वा की किसान पाठशाला, दुमका के किसान सुरेश मरांडी और जामताड़ा के कृषि अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से कम बारिश वाली फसलों की खेती अपनाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की अपील की।

प्रमुख फैसले

  • हर जिले में एक मॉडल किसान पाठशाला शुरू होगी।
  • सभी प्रमंडलों में कृषि व्यापार मेले आयोजित किए जाएंगे।
  • किसान समृद्धि योजना के तहत सोलर पंप वितरण तेज होगा।
  • दलहन, मिलेट और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
  • पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को नई गति दी जाएगी।
  • लैम्प्स, पैक्स और सहकारी समितियों को अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।
  • कृषि योजनाओं की जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग होगी।

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