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Tuesday, July 14, 2026
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नए वोटर बनने वालों के लिए बड़ा अपडेट: अब फॉर्म-6 के साथ माता-पिता का SIR विवरण देना होगा अनिवार्य

फॉर्म-6 भरते नए मतदाता के लिए माता-पिता का SIR विवरण अनिवार्य होने से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर। Image Caption
नए वोटर रजिस्ट्रेशन में अब फॉर्म-6 के साथ माता-पिता का SIR विवरण देना अनिवार्य होगा।
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नई दिल्ली: अगर आप 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और पहली बार वोटर आईडी बनवाने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग (ECI) ने नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया है। अब फॉर्म-6 भरने वाले नए आवेदकों को अपने माता-पिता (या कानूनी अभिभावक) के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।

यह व्यवस्था मुख्य रूप से ऑनलाइन आवेदन (ECINET/NVSP पोर्टल) पर लागू की गई है। यदि आवेदक यह घोषणा नहीं करता, तो आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी।

क्या बदला है?

पहले SIR से संबंधित जानकारी मुख्य रूप से मौजूदा मतदाताओं के सत्यापन के दौरान मांगी जाती थी। अब पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं को भी अपने माता-पिता के SIR विवरण का उल्लेख करना होगा।

हालांकि, फॉर्म-6 के प्रारूप में कोई आधिकारिक संशोधन नहीं किया गया है। यह बदलाव चुनाव आयोग के प्रशासनिक निर्देश के तहत लागू किया गया है। बिहार में 2025 के SIR अभियान के दौरान इसे पहले ही लागू किया जा चुका था।

चुनाव आयोग ने यह नियम क्यों लागू किया?

चुनाव आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था से मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी। इसके कई उद्देश्य हैं:

  • नए मतदाताओं की पहचान का बेहतर सत्यापन।
  • परिवार के रिकॉर्ड का आसान मिलान।
  • अनावश्यक दस्तावेजों की जरूरत कम होगी।
  • डुप्लीकेट नाम, मृतक मतदाता, स्थानांतरित या अपात्र नामों की पहचान आसान होगी।
  • मतदाता सूची को अधिक स्वच्छ और अद्यतन बनाया जा सकेगा।

SIR क्या है?

Special Intensive Revision (SIR) मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा और सत्यापन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम ही मतदाता सूची में शामिल रहें और अपात्र नाम हटाए जा सकें।

करीब 21 साल बाद देश में इस स्तर का व्यापक SIR अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले 2002-2004 के दौरान ऐसा बड़ा अभियान हुआ था।

किन राज्यों में चल रहा है SIR अभियान?

चुनाव आयोग ने SIR को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है।

  • पहला चरण: बिहार (अंतिम सूची जारी हो चुकी है)
  • दूसरा चरण: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्य
  • तीसरा चरण: झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, आंध्र प्रदेश समेत 16 राज्य और 3 केंद्रशासित प्रदेश

नए वोटर को क्या करना होगा?

यदि आप पहली बार वोटर बनने के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • माता, पिता या कानूनी अभिभावक के SIR संबंधी विवरण दर्ज करें।
  • आयु, निवास और नागरिकता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करने के बाद संबंधित BLO (Booth Level Officer) या निर्वाचन अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाएगा।

अगर माता-पिता का SIR रिकॉर्ड पूरा नहीं है तो?

यदि माता-पिता का SIR रिकॉर्ड लंबित है या उसमें कोई त्रुटि है, तो पहले उसे संबंधित निर्वाचन अधिकारी या BLO के माध्यम से ठीक करवा लेना बेहतर होगा। इससे नए आवेदन के सत्यापन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।

अंतरराष्ट्रीय सवालों पर आयोग का जवाब

SIR प्रक्रिया को लेकर कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और संवैधानिक है। आयोग का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं हटाया जाएगा और यदि किसी का नाम हटता है तो उसे अपील का पूरा अधिकार मिलेगा।

नए मतदाताओं के लिए सलाह

यदि आप 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं और पहली बार वोटर आईडी बनवाना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और माता-पिता के SIR विवरण की जानकारी भी सुनिश्चित कर लें। इससे आपका आवेदन बिना किसी अनावश्यक देरी के पूरा हो सकेगा।

नोट: यह जानकारी जुलाई 2026 तक उपलब्ध चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों पर आधारित है। समय-समय पर नियमों में बदलाव संभव है, इसलिए आवेदन करने से पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या अपने क्षेत्र के BLO से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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