जमशेदपुर हिमांशु सिंह हत्याकांड: CM हेमंत सोरेन का बड़ा एक्शन, SSP और सरायकेला SP हटाए गए

रांची/जमशेदपुर: झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (SP) निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
27 जून 2026 की रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार (DD Club) में हिमांशु सिंह अपने मित्र प्रत्युष सिंह के साथ मौजूद थे। इसी दौरान कुछ युवकों द्वारा एक महिला से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने का विरोध उन्होंने किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर बार प्रबंधन ने दोनों पक्षों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद बाहर मौजूद हमलावरों ने हिमांशु सिंह और उनके साथी पर लाठी-डंडों एवं धारदार हथियार से हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि गंभीर रूप से घायल हिमांशु अपनी जान बचाने के लिए मौके पर खड़ी PCR वैन में पहुंच गए थे, लेकिन आरोपियों ने कथित रूप से पुलिस की मौजूदगी में ही उन्हें बाहर निकालकर दोबारा हमला किया।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह को तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 30 जून 2026 की रात उनकी मौत हो गई।
वहीं उनके साथी प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हैं और बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर किए गए हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सख्त फैसला
घटना के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इसके तहत—
- जमशेदपुर SSP पीयूष पांडे हटाए गए।
- सरायकेला-खरसावां SP निधि द्विवेदी हटाई गईं।
- दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया।
- CID के ADG मनोज कौशिक, कोल्हान DIG और कोल्हान कमिश्नर को जमशेदपुर में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता में भारी आक्रोश
हिमांशु सिंह की मौत के बाद जमशेदपुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और करणी सेना के समर्थकों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर पर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी।
प्रदर्शन के दौरान सिटी SP के वाहन में भी तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो हिमांशु सिंह की जान बच सकती थी।
जांच में क्या हो रही कार्रवाई?
सरकार ने मामले की जांच CID को सौंप दी है।
अब तक की कार्रवाई में—
- आरोपियों की पहचान की जा चुकी है।
- गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी जारी है।
- जमशेदपुर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
- वरिष्ठ अधिकारियों को हालात सामान्य होने तक शहर में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड की कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था एक बार फिर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। विपक्ष सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा SSP और SP को हटाने का फैसला इस मामले में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। अब सभी की नजर CID जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।
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