रांची के JSCA स्टेडियम में JPL फाइनल के दौरान मची भगदड़, कई घायल; एंट्री व्यवस्था पर उठे सवाल

रांची, 24 जून। झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के दौरान मंगलवार शाम रांची के धुर्वा स्थित JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कई दर्शक घायल हो गए, जबकि तीन लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, JPL फाइनल मैच में दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क था। इसी कारण मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंचे थे। मैच शुरू होने से कुछ समय पहले स्टेडियम के वेस्ट गेट पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे लोगों की लंबी कतार लग गई।
कैसे बिगड़े हालात?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर से ही दर्शकों का स्टेडियम पहुंचना शुरू हो गया था। शाम होते-होते भीड़ इतनी बढ़ गई कि प्रवेश द्वारों पर लोगों को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। वेस्ट गेट पर एंट्री में देरी और अव्यवस्था के कारण लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ ही देर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
स्थिति बिगड़ने पर कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग पार करने और सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान स्टेडियम के वेस्ट गेट और बैरिकेडिंग के कुछ हिस्सों को नुकसान भी पहुंचा।
कई लोग घायल, तीन अस्पताल में भर्ती
हादसे में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों में एक युवक और दो युवतियों को इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अन्य घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन ने बताया कि अत्यधिक भीड़ के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि स्टेडियम में प्रवेश व्यवस्था के दौरान आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने स्टेडियम की एंट्री व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना के बावजूद पर्याप्त प्रबंधन नहीं किया गया, जिसके कारण यह स्थिति बनी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।





