झारखंड फुटबॉल की कमान अब सांसद प्रदीप वर्मा के हाथों में, शबाना रब्बानी बनीं सचिव

रांची। झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन में करीब 23 साल बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गिरिडीह में आयोजित एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा (AGM) में बीजेपी के राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा को झारखंड फुटबॉल संघ का नया अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। वहीं, सचिव पद की जिम्मेदारी शबाना रब्बानी को सौंपी गई है। एनुअल जनरल मीटिंग में झारखंड के 22 जिलों के अध्यक्ष/सचिव शामिल हुए। बैठक के दौरान नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर चुनावी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन की नई टीम की आधिकारिक घोषणा की। नई टीम से राज्य में फुटबॉल के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और फुटबॉल गतिविधियों को बढ़ावा देने की उम्मीद की जा रही है।
नई कमेटी इस प्रकार है:
झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन की नई कमेटी घोषित, जानिए किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
1. अध्यक्ष: प्रदीप कुमार वर्मा, 2. उपाध्यक्ष: मोहम्मद अजहर अंसारी, 3. उपाध्यक्ष: मुकुल चौधरी, 4. उपाध्यक्ष: नूपुर टोप्पो, 5. सचिव: शबाना रब्बानी, 6. कोषाध्यक्ष: सैयद शाह आफताब अहमद, 7. संयुक्त सचिव: आशा कुमारी, 8. संयुक्त सचिव: मोहम्मद मसूर आलम, कार्यकारिणी सदस्य:9. सुभाष रजक, 10. साजिद अहमद, 11. नवनीत ओझा.
ऐतिहासिक नेतृत्व परिवर्तन
झारखंड के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है। झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन में करीब 23 वर्षों बाद नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा को झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन का नया अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। विशेष बात यह है कि डॉ. प्रदीप वर्मा अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं, शबाना रब्बानी को एसोसिएशन के सचिव पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। लंबे समय बाद हुए इस नेतृत्व परिवर्तन और डॉ. प्रदीप वर्मा के निर्विरोध निर्वाचन को झारखंड फुटबॉल के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
नए दौर की शुरुआत
नए नेतृत्व से राज्य में फुटबॉल की गतिविधियों को गति मिलने, संगठनात्मक व्यवस्था मजबूत होने तथा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद जगी है। डॉ. प्रदीप वर्मा के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित होने से उनके प्रति संगठन के सदस्यों के विश्वास और सामूहिक सहमति का संदेश भी सामने आया है। उनके नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव का लाभ झारखंड फुटबॉल को मिलने की अपेक्षा है। झारखंड में फुटबॉल के प्रति युवाओं का विशेष आकर्षण रहा है। राज्य के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में भी फुटबॉल की गहरी लोकप्रियता है और यहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है तो उन्हें उचित मंच, बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की। नए नेतृत्व के सामने राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने, जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने, खेल प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन कराने तथा फुटबॉल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। 23 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुए इस परिवर्तन और अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन से झारखंड के फुटबॉल खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और खेल संगठनों में नई उम्मीद जगी है। उम्मीद है कि डॉ. प्रदीप वर्मा के नेतृत्व में नई कमेटी सामूहिक प्रयास और दूरदर्शी कार्ययोजना के साथ झारखंड को फुटबॉल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में काम करेगी।झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन में डॉ. प्रदीप वर्मा का निर्विरोध निर्वाचन और नई कार्यकारिणी का गठन राज्य में फुटबॉल के विकास की दिशा में एक नए दौर की शुरुआत है।






