About me

News Box Bharat
Welcome to News Box Bharat, your one-stop destination for comprehensive news coverage and insightful analysis. With a commitment to delivering reliable information and promoting responsible journalism, we strive to keep you informed about the latest happenings from across the nation and the world. In this rapidly evolving era, staying updated and making sense of the news is crucial, and we are here to simplify the process for you.

Recent Posts

+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Wednesday, September 2, 2026
EconomyLatest Hindi NewsNews

PNB के करेंसी चेस्ट में कैसे पहुंच गए 17 करोड़ के नकली नोट? छोटी सी गड़बड़ी से खुला बड़ा राज

: सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में मिले करोड़ों रुपये के नकली नोट
सहारनपुर में PNB की करेंसी चेस्ट से जुड़ी जांच में करीब 17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी सामने आई है।
Share the post

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और नोटों की जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट पाए जाने के बाद पुलिस, RBI और बैंक की टीमें जांच में जुटी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी आखिर बैंक की सुरक्षित तिजोरी तक पहुंची कैसे?

महज 4.30 लाख की कमी से खुला करोड़ों का मामला

मामले की शुरुआत तब हुई जब करीब 11.50 करोड़ रुपये की करेंसी सहारनपुर से RBI के जयपुर कार्यालय भेजी गई। वहां रकम की जांच के दौरान लगभग 4.30 लाख रुपये की कमी सामने आई। इसके बाद बैंक ने पूरे मामले की जांच शुरू की।

जांच और ऑडिट आगे बढ़ा तो करेंसी चेस्ट के भीतर करीब 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले। नोटों की गिनती और सत्यापन जारी रहने पर यह आंकड़ा बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

कैसे पहुंची नकली करेंसी?

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली नोट सीधे करेंसी चेस्ट में पहुंचे या अलग-अलग समय पर बैंकिंग चैनल के जरिए वहां जमा होते रहे।

करेंसी चेस्ट में आने वाली रकम की गिनती, छंटाई, सत्यापन और रिकॉर्डिंग की पूरी प्रक्रिया होती है। इसलिए जांच में नोटों के बंडल नंबर, सीरियल नंबर, रिकॉर्ड, सील और कैश ट्रेल का मिलान किया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि RBI से आने वाले नए नोटों की फोटो कॉपी या प्रिंट के जरिए नकली नोट तैयार किए गए और उन्हें असली नोटों के साथ मिलाया गया। हालांकि यह जांच का विषय है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

CCTV फुटेज भी जांच के दायरे में

मामले में करेंसी चेस्ट के अंदर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में एक पार्ट-टाइम हाउसकीपर के नोटों के बंडल से करेंसी निकालने की गतिविधि सामने आने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इसका पूरे फर्जीवाड़े से कोई संबंध था या नहीं।

कई बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई

जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से जुड़े बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। PNB ने प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों और स्टाफ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। साथ ही पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है।

मामले की जांच अब सहारनपुर तक सीमित नहीं है। पुलिस और जांच एजेंसियां आसपास के जिलों के अलावा हरियाणा और उत्तराखंड तक संभावित कनेक्शन की जांच कर रही हैं। संदिग्ध लोगों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।

21 सदस्यीय टीम कर रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए RBI और PNB की 21 सदस्यीय संयुक्त टीम ने सहारनपुर पहुंचकर जांच की। टीम कैश की प्राप्ति से लेकर उसकी गिनती, सत्यापन, बंडल तैयार करने और करेंसी चेस्ट में जमा करने तक पूरी प्रक्रिया की कड़ियां जोड़ रही है।

मामले की बड़ी बातें

  • PNB की सहारनपुर करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले।
  • शुरुआत में करीब 7.40 करोड़ रुपये की नकली करेंसी सामने आई थी।
  • मामला करीब 4.30 लाख रुपये की कैश कमी की जांच से खुला।
  • करीब 11.50 करोड़ रुपये की करेंसी RBI के जयपुर कार्यालय भेजी गई थी।
  • नकली नोटों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
  • बैंक अधिकारियों और अन्य स्टाफ की भूमिका की जांच जारी है।
  • पुलिस ने SIT गठित की है।
  • RBI और PNB की संयुक्त टीम भी जांच कर रही है।

बैंकिंग सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के नकली नोटों का मिलना केवल एक बैंक शाखा से जुड़ी गड़बड़ी नहीं है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि नोटों की गिनती, सत्यापन, CCTV निगरानी और रिकॉर्ड मिलान जैसी कई सुरक्षा प्रक्रियाओं के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध करेंसी कैसे जमा होती रही।

फिलहाल जांच एजेंसियां नकली नोटों के स्रोत, असली नोटों को बाहर निकालने की संभावित प्रक्रिया और इस पूरे मामले में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि यह मामला कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे कितने लोग शामिल थे।

👉 यह भी पढ़ें:

Leave a Response