कौसानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, होटल-रिसॉर्ट से लेकर बाजार तक चला सघन जांच अभियान

पर्यटन सीजन के बीच उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर जांच अभियान तेज कर दिया है। खास तौर पर पर्यटन स्थल कौसानी में होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट की रसोई से लेकर बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री तक की जांच की गई। विभाग का फोकस पर्यटकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर है।
होटल और रेस्टोरेंट की रसोई में पहुंची टीम
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कौसानी के 10 होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान किचन की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और इस्तेमाल किए जा रहे सामान की गुणवत्ता को जांचा गया।
अधिकारियों ने दूध, पनीर, तेल, मसाले, मैदा, दाल और तैयार भोजन समेत कई खाद्य पदार्थों की स्थिति देखी। किचन स्टाफ को भी स्वच्छता के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
बासी और संदिग्ध सामग्री मौके पर नष्ट
निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं मिली। टीम ने चार बोतल जूस, तीन पैकेट मसाले और डीप फ्रीजर में रखी बासी दाल व चिकन को मौके पर ही नष्ट कराया। होटल और रिसॉर्ट संचालकों को आगे इस तरह की लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बाजारों में भी खाद्य पदार्थों की जांच
अभियान केवल होटल-रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहा। बागेश्वर के बाजारों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। फल और सब्जियों में प्रतिबंधित रसायनों या कृत्रिम रंग के इस्तेमाल की भी जांच की गई। पहले चलाए गए अभियान में संदिग्ध फल-सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए थे।
विभाग ने कारोबारियों को साफ तौर पर कहा है कि फलों को रसायनों से पकाने और सब्जियों में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल करने से बचें।
पर्यटन सीजन में क्यों बढ़ी निगरानी?
कौसानी उत्तराखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल है। पर्यटन सीजन में होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे पर्यटकों के स्वास्थ्य से जुड़ जाती है।
इसी वजह से विभाग ने होटल और रेस्टोरेंट की रसोई पर विशेष ध्यान दिया है। अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिए हैं कि पर्यटकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि होटल-रेस्टोरेंट संचालकों और खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है।
कौसानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से साफ है कि पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर है। होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि साफ-सफाई और गुणवत्तापूर्ण भोजन के मानकों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है।





