CJP Protest: 16 दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद, हजारों यात्री फंसे; गूंजा सवाल- ‘नौकरी चली गई तो जिम्मेदार कौन?’

राजधानी दिल्ली में कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के जारी प्रदर्शन का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी देखने को मिला। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद कर दिए गए, जिससे हजारों यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग समय पर ऑफिस नहीं पहुंच सके और स्टेशन के अंदर ही फंस गए।
मंडी हाउस स्टेशन पर यात्रियों का गुस्सा
PTI द्वारा जारी वीडियो में मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के अंदर बड़ी संख्या में यात्री इंतजार करते दिखाई दिए। सुरक्षा कर्मी यात्रियों को स्टेशन से बाहर नहीं जाने दे रहे थे, जिससे लोगों में नाराज़गी बढ़ गई। कई यात्रियों ने DMRC अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से बहस करते हुए पूछा कि सामान्य आवाजाही कब शुरू होगी।
एक यात्री ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “अगर हमारी नौकरी चली गई तो जिम्मेदार कौन होगा?” वहीं अन्य यात्रियों ने कहा कि वे आधे घंटे से अधिक समय से स्टेशन के अंदर फंसे हुए हैं और उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।
DMRC ने सुरक्षा कारणों से लिया फैसला
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुबह ही घोषणा की थी कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 16 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे। हालांकि कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा जारी रखी गई ताकि यात्रियों को सीमित राहत मिल सके।
ये 16 मेट्रो स्टेशन रहे बंद
- लोक कल्याण मार्ग
- राजीव चौक
- पटेल चौक
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- बाराखंबा रोड
- सुप्रीम कोर्ट
- सेवा तीर्थ
- जनपथ
- मंडी हाउस
- सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
- ITO
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रही।
तीसरे दिन भी जारी रहा CJP का धरना
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। इससे पहले सोमवार को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान संसद क्षेत्र के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पार्टी ने साफ कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
आम लोगों पर पड़ा असर
मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से हजारों ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और अन्य यात्री मुश्किल में पड़ गए। कई लोगों ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था का खामियाजा आम जनता को क्यों भुगतना पड़ रहा है।
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