CJP का प्रदर्शन 24वें दिन में, सोनम वांगचुक ने अनशन में 8.2 किलो वजन घटाया; स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन सोमवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच, आंदोलन से जुड़े शिक्षक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। पार्टी का दावा है कि अनिश्चितकालीन अनशन के 16वें दिन तक उनका वजन 8.2 किलोग्राम कम हो चुका है और ब्लड ग्लूकोज स्तर 67 mg/dL तक पहुंच गया है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर जल्द ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि अब यह मामला केवल आंदोलन का नहीं, बल्कि लोगों की जान से जुड़ा है।
अनशन के 16वें दिन बिगड़ी सेहत
CJP की ओर से जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार, सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर 107/70 mm Hg दर्ज किया गया। पार्टी का कहना है कि लगातार अनशन के कारण उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।
अभिजीत दीपके ने सरकार से की अपील
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अभिजीत दीपके ने लिखा कि सरकार इस मुद्दे को “अहंकार की लड़ाई” न बनाए।
उन्होंने कहा कि गलती स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और परिपक्वता का संकेत है। उनका कहना था कि आंदोलनकारी केवल जवाबदेही और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विपक्षी दलों ने जताया समर्थन
सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) का एक प्रतिनिधिमंडल, पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पहुंचा और आंदोलन को समर्थन दिया।
इसके अलावा CPI(M) सांसद अमरा राम सहित कई वरिष्ठ वामपंथी नेता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। नेताओं ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च का समर्थन किया।
AAP ने इस दौरान निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग दोहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया।
AISA के छात्र नेता भी अनिश्चितकालीन अनशन पर
CPI(ML) लिबरेशन से जुड़े छात्र संगठन AISA के सदस्य नेहा, मनीष, दीपक और आमीन भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं।
CJP की प्रमुख मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
- 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च की अनुमति और मांगों पर कार्रवाई।
कब शुरू हुआ आंदोलन?
CJP का यह विरोध प्रदर्शन 20 जून 2026 को शुरू हुआ था। सोनम वांगचुक 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए और तभी से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करना है.
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