सोमालिया विमान हादसा: मोगादिशू में समुद्र किनारे क्रैश हुआ प्लेन, पायलट ने बचाई 50 यात्रियों की जान

सोमालिया (Somalia) की राजधानी मोगादिशू में कल एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। अदन अद्दे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Aden Adde Airport) पर लैंडिंग के दौरान एक यात्री विमान तकनीकी खराबी की वजह से रनवे से फिसलकर हिंद महासागर के किनारे जा गिरा। यह घटना तब हुई जब विमान सुरक्षित उतरने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, पायलट की सूझबूझ और कंट्रोल की वजह से विमान में सवार सभी 50 से अधिक लोगों की जान बच गई।
पायलट की सूझबूझ: मौत के मुंह से सुरक्षित निकले 50 यात्री
हादसा उस समय हुआ जब विमान मोगादिशू एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था। अचानक आई तकनीकी खराबी की वजह से विमान रनवे पर टिक नहीं सका और घिसटता हुआ हवाई अड्डे की बाउंड्री पार कर गया। विमान का अगला हिस्सा समुद्र के किनारे पत्थरों और पानी के बीच जा धंसा। विमान के अंदर चीख-पुकार मची थी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि विमान गहरे पानी में नहीं डूबा।
विमान ने जैसे ही मोगादिशू एयरपोर्ट के रनवे को छुआ, वह अनियंत्रित होकर बाउंड्री तोड़ते हुए समंदर के रेतीले किनारे पर जा गिरा। विमान का अगला हिस्सा (Nose) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लैंडिंग के समय विमान की रफ्तार सामान्य से कुछ अधिक लग रही थी। तकनीकी खराबी के संकेत मिलते ही पायलट ने विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर रखने का प्रयास किया। विमान जिस जगह गिरा, वह पानी और चट्टानों का मिला-जुला क्षेत्र था, जिससे विमान पूरी तरह डूबने से बच गया।
Highlights
- यात्री: विमान में 50 से अधिक यात्री और क्रू सदस्य सवार थे।
- हताहत: सभी यात्री सुरक्षित हैं, कुछ को मामूली चोटें आई हैं।
- स्थान: मोगादिशू का अदन अद्दे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।
- बचाव: एयरपोर्ट इमरजेंसी टीम ने 10 मिनट के भीतर रेस्क्यू शुरू किया।
आधिकारिक बयान (Official Statement)
सोमालिया के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) के एक अधिकारी ने कहा:
“हमारी प्राथमिकता सभी यात्रियों की सुरक्षा थी। हम विमान के पायलट की सराहना करते हैं जिन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में विमान को संभाला। हादसे के तकनीकी कारणों की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है।”
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोग पायलट को ‘हीरो’ बता रहे हैं, क्योंकि विमान अगर कुछ मीटर और आगे जाता तो गहरे पानी में समा सकता था।
मोगादिशू का यह हवाई अड्डा समुद्र के बिल्कुल किनारे स्थित है, जिससे यहाँ लैंडिंग हमेशा चुनौतीपूर्ण होती है। पूर्व में भी खराब मौसम या तकनीकी कारणों से यहाँ विमानों के रनवे से फिसलने की छिटपुट घटनाएं दर्ज की गई हैं।
आने वाले दिनों में विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ की जांच की जाएगी। इसके अलावा, एयरपोर्ट अथॉरिटी रनवे की सुरक्षा दीवारों और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की समीक्षा करने पर विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा एक बड़ी त्रासदी हो सकता था, लेकिन तकनीकी विफलता पर पायलट की कुशलता भारी पड़ी। 50 से ज्यादा जिंदगियों का सुरक्षित बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। फिलहाल, हवाई अड्डे पर परिचालन सामान्य है और जांच जारी है।
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