
देवीनगर–हेसाग में 6 साल से प्यासे कंठ। सर्दी में भी नहीं सुधरे हालात
राजधानी रांची के वार्ड संख्या 51 के अंतर्गत आने वाले देवीनगर, हेसाग और हटिया क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली लगातार लोगों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। हालात ऐसे हैं कि सर्दी के मौसम में भी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी आते ही स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
6 साल से पाइपलाइन, लेकिन पानी नहीं
करीब 6 साल पहले पानी और गैस की पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज तक नलों में पानी नहीं आया। सर्दियों में किसी तरह लोग काम चला लेते हैं, मगर गर्मी के मौसम में यही समस्या जल संकट का रूप ले लेती है।
टूटी सड़कें और जाम नालियां
पाइपलाइन के नाम पर खोदी गई सड़कें आज तक दुरुस्त नहीं की गईं। नालियां जाम हैं। अभी सर्दी होने के कारण दुर्गंध और जलभराव कुछ कम नजर आता है, लेकिन बरसात और गर्मी में हालात और बिगड़ जाते हैं।
सर्द रातों में भी अंधेरा
कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। सर्दी की लंबी रातों में अंधेरा और ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों में डर बना रहता है।
सफाई व्यवस्था बेपटरी
डोर-टू-डोर कचरा उठाव अनियमित है। सर्दियों में लोग किसी तरह झेल रहे हैं, लेकिन गर्मी के मौसम में इसी गंदगी से बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गर्मी आते ही बढ़ती मुसीबत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि—
“अभी सर्दी है तो किसी तरह हालात झेल लिए जाते हैं, लेकिन हर साल गर्मी में पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।”
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी शुरू होने से पहले स्थायी समाधान किया जाए, न कि हर साल अस्थायी इंतजाम।





