About me

News Box Bharat
Welcome to News Box Bharat, your one-stop destination for comprehensive news coverage and insightful analysis. With a commitment to delivering reliable information and promoting responsible journalism, we strive to keep you informed about the latest happenings from across the nation and the world. In this rapidly evolving era, staying updated and making sense of the news is crucial, and we are here to simplify the process for you.

Recent Posts

+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Saturday, April 18, 2026
Breaking NewsWorld

अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर भारत ने जताया शोक | विक्रम मिसरी ने ईरानी दूतावास में दी श्रद्धांजलि

Ali Khamenei speaking at a public event before confirmation of his death in US-Israel airstrike, Iran Supreme Leader news 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत , अमेरिका-इज़राइल हमलों के बाद Middle East में बढ़ा तनाव
Share the post

भारत ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनके निधन के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया। अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के हमलों के दौरान उनकी मौत हुई थी। इस बीच भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भारत की ओर से संवेदना संदेश भी ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली को सौंपा। विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव और ईरानी राजदूत के बीच हुई मुलाकात की तस्वीर भी जारी की। हालांकि भारत ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया, लेकिन खामेनेई की हत्या पर कोई औपचारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। ऐसे में विदेश सचिव का दूतावास जाकर शोक व्यक्त करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई विपक्षी दल सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठा चुके थे।

सोनिया गांधी ने सवाल खड़े किए थे

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दो दिन पहले कहा था कि किसी पदासीन राष्ट्राध्यक्ष की हत्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गंभीर और चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बावजूद भारत सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया न आना हैरान करने वाला है। उनके मुताबिक, न तो इस हत्या की निंदा की गई और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन पर कोई सख्त रुख अपनाया गया। सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल के व्यापक हमलों पर टिप्पणी करने के बजाय प्रधानमंत्री ने केवल ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात पर किए गए जवाबी हमले की निंदा तक खुद को सीमित रखा। बाद में “गहरी चिंता” जताते हुए संवाद और कूटनीति की बात कही गई, जबकि यही प्रक्रिया हमलों से पहले भी जारी थी। उन्होंने कहा कि जब भारत किसी विदेशी नेता की लक्षित हत्या पर संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून की स्पष्ट रूप से रक्षा नहीं करता, तो इससे देश की विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं। उनके शब्दों में, “मौन रहना तटस्थता नहीं है।”

Leave a Response