
इन दिनों देशभर में UGC Act 2026, UGC New Rules, और यूजीसी कानून क्या है जैसे सवाल सबसे ज्यादा सर्च किए जा रहे हैं। वजह है विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लाए गए नए नियम, जिन्हें लेकर छात्र संगठनों और खासकर जनरल कैटेगरी (सवर्ण) समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
UGC क्या है? (यूजीसी क्या है)
UGC यानी University Grants Commission भारत की एक वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना 1956 के UGC Act के तहत की गई थी।
UGC का मुख्य काम:
- विश्वविद्यालयों को मान्यता देना
- उच्च शिक्षा की गुणवत्ता तय करना
- कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ को फंड जारी करना
- शिक्षा से जुड़े नियम और रेगुलेशन बनाना
सीधे शब्दों में कहें तो भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली की रीढ़ UGC है।
UGC कानून 2026 क्या है? (UGC Act 2026 in Hindi)
जनवरी 2026 में UGC ने “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” को नोटिफाई किया।
इसी को आम भाषा में लोग UGC कानून 2026 या UGC Bill 2026 कह रहे हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कोई नया संसद से पास हुआ “Act” नहीं, बल्कि UGC Act 1956 के तहत बनाया गया Regulation है।
UGC New Rules 2026 में क्या है?
UGC के नए नियमों के प्रमुख बिंदु:
- कैंपस में जाति, जेंडर या सामाजिक आधार पर भेदभाव रोकने का प्रावधान
- SC/ST/OBC, PwD और महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा
- हर यूनिवर्सिटी में Grievance Redressal Mechanism अनिवार्य
- शिकायत मिलने पर संस्थानों पर कार्रवाई का अधिकार
सरकार का दावा है कि इससे इक्वलिटी और इंक्लूसिविटी बढ़ेगी।
UGC कानून को लेकर विवाद क्यों?
जनरल कैटेगरी और कई छात्र संगठनों का आरोप है कि:
- नियम एकतरफा हैं
- जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्रों के लिए कोई सुरक्षा प्रावधान नहीं
- फर्जी शिकायतों पर कोई दंड तय नहीं
- कैंपस में डर का माहौल बनेगा
- पुरुष छात्रों के खिलाफ भेदभाव की आशंका
इसी वजह से सवाल उठ रहे हैं—
“UGC कानून क्या है और क्या यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है?”
UGC News: देशभर में विरोध प्रदर्शन
UGC New Rules के खिलाफ:
- दिल्ली में UGC ऑफिस का घेराव
- लखनऊ, जयपुर, मेरठ, इंदौर समेत कई शहरों में प्रदर्शन
- सवर्ण संगठनों ने #UGC_RollBack और #UGC_काला_कानून_वापस_लो ट्रेंड कराया
UGC Bill 2026 पर सरकार का पक्ष
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा—
“किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।
नियम निष्पक्ष हैं और दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।”
सरकार जल्द ही डिटेल्ड क्लैरिफिकेशन जारी करने वाली है।
क्या UGC कानून 2026 रद्द होगा?
फिलहाल:
- मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है
- PIL दाखिल कर नियमों को चुनौती दी गई है
- आंदोलन जारी है और फैसला अभी बाकी है
UGC कानून 2026 को लेकर देश दो हिस्सों में बंटता दिख रहा है।
एक तरफ सरकार इसे सुधार और सुरक्षा बता रही है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी इसे भेदभावपूर्ण कानून कह रहे हैं।
👉 आने वाले दिनों में सरकार की क्लैरिफिकेशन और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई तय करेगी कि UGC New Rules 2026 का भविष्य क्या होगा।
1️⃣ UGC क्या है? (यूजीसी क्या है)
UGC यानी University Grants Commission भारत की वैधानिक संस्था है, जो उच्च शिक्षा से जुड़े नियम बनाती है, विश्वविद्यालयों को मान्यता देती है और फंड जारी करती है। इसकी स्थापना UGC Act 1956 के तहत हुई थी।
2️⃣ UGC कानून 2026 क्या है? (UGC Act 2026 in Hindi)
UGC कानून 2026 दरअसल “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” है। यह कोई नया संसद से पास हुआ कानून नहीं, बल्कि UGC Act 1956 के तहत बनाया गया नया रेगुलेशन है।
3️⃣ UGC New Rules को लेकर विरोध क्यों हो रहा है?
जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्रों और संगठनों का आरोप है कि नए नियम:
- एकतरफा हैं
- सवर्ण छात्रों को सुरक्षा नहीं देते
- फर्जी शिकायतों पर सजा का प्रावधान नहीं
- इससे कैंपस में विभाजन बढ़ सकता है
इसी वजह से देशभर में UGC के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।
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