
डेस्क। हजारीबाग के विष्णुगढ़ में बच्ची के साथ हुई दरिंदगी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि राजधानी रांची से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आ गई है। इस मामले ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
घटना 2 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे की है। रातू थाना क्षेत्र के झखड़ाटांड गांव में ग्रामीणों ने पुजारी सुबोध पाठक के घर पर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप था कि उनके घर में पिछले 8 वर्षों से रह रही एक नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई है।
जांच और शुरुआती कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए रातू थाना में कांड संख्या 111/26, दिनांक 03.04.2026 के तहत धारा 140(3) BNS में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने FSL टीम के साथ मौके पर जांच की, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
तकनीकी जांच से खुला राज
वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और टोल प्लाज़ा के फोटो के आधार पर जब सुबोध पाठक और उनके पुत्र राहुल पाठक से पूछताछ की गई, तो उन्होंने नाबालिग की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
गया में किया गया अंतिम संस्कार
आरोपियों ने बताया कि घटना के बाद एंबुलेंस (JH-01-AA-1245) से शव को बिहार के गया स्थित विष्णुपद मंदिर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने एंबुलेंस को जब्त कर लिया है। चालक ने भी बताया कि उसे लड़की की मौत की जानकारी देकर गया ले जाया गया था।
हत्या की वजह क्या थी
पूछताछ में सामने आया कि लड़की की इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क बढ़ने को लेकर परिवार को बदनामी का डर था। इसी ‘लोक-लाज’ के कारण आरोपियों ने यह कदम उठाया।
आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने दोनों आरोपियों—सुबोध पाठक और राहुल पाठक—को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।





