
डेस्क। झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की अधिग्रहित जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रांची द्वारा दर्ज कांड संख्या 1/2026 (दिनांक 5 जनवरी 2026) के तहत यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी वंशावली तैयार कर रिम्स की अधिग्रहित जमीन को अवैध तरीके से खरीद-बिक्री किया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 एवं संशोधित अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
ACB की टीम ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- राजकिशोर बड़ाईक (सदर, रांची)
- कार्तिक बड़ाईक (सदर, रांची)
- राजेश कुमार झा (सदर, रांची)
- चैतन कुमार (तोरपा, खूंटी)
फर्जी वंशावली से की गई धोखाधड़ी
ACB द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों ने व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से गलत वंशावली तैयार कर रिम्स की जमीन को अवैध रूप से बेचा। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद इनकी गिरफ्तारी की गई है।
आगे की कार्रवाई
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और ACB अन्य संभावित आरोपियों व जुड़े लोगों की भी जांच कर रही है।





