
तेल की कीमतों में उछाल | ब्रेंट क्रूड $108 के पार | वैश्विक बाजार में हलचल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच निवेशकों में चिंता का माहौल बना हुआ है। वैश्विक कीमतों का मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत बढ़कर 108.51 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो कि करीब 4.92% की बढ़त दर्शाती है।
अमेरिकी कच्चा तेल भी महंगा
वहीं, अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) की कीमत भी बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जिसमें 1.86% की वृद्धि दर्ज की गई।
ईरान-गैस फील्ड पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
कीमतों में यह उछाल उस समय आया जब ईरान के पार्स गैस फील्ड पर हमला हुआ। इसके बाद तेहरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर को चेतावनी दी कि आने वाले घंटों में उनके तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
यूरोप में गैस कीमतों में भी तेजी
इस बीच यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी उछाल देखा गया। गैस की कीमत करीब 6.6% बढ़कर 55 यूरो (लगभग 63 डॉलर) प्रति मेगावाट-घंटा (MWh) पहुंच गई। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। तेल और गैस की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका भी गहराने लगी है, जिससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की चेतावनी
ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हालिया हमलों के बाद देश के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि ईरान के प्रमुख South Pars Gas Field पर हमला बेहद गंभीर और आक्रामक कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे हमलों से “अमेरिकी-ज़ायोनिस्ट ताकतों” और उनके समर्थकों को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
स्थिति और जटिल होगी
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “इस तरह की आक्रामक कार्रवाइयों से हालात और अधिक जटिल हो जाएंगे और इसके ऐसे परिणाम हो सकते हैं, जिन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।”
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले और उसके बाद बढ़ती बयानबाजी से मध्य पूर्व में तनाव और गहरा सकता है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल और गैस बाजार पर पड़ेगा। ईरान की इस कड़ी प्रतिक्रिया के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है।





