डोरंडा मार्केट में नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई, 200 दुकानदारों का फूटा गुस्सा

राजधानी रांची के डोरंडा मार्केट में रांची नगर निगम द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 200 छोटे-बड़े दुकानदारों को अपनी दुकानें खाली करनी पड़ीं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।
दुकानदारों का दर्द: रोजी-रोटी पर संकट
प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वे दशकों से इसी स्थान पर दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से उनका पूरा कारोबार ठप हो गया है।
एक दुकानदार ने कहा,
“अगर पहले से समय दिया जाता या कोई वैकल्पिक व्यवस्था होती, तो हमें इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता।”
पुनर्वास की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
दुकानदारों ने प्रशासन से वैकल्पिक जगह (Space) या वेंडिंग जोन उपलब्ध कराने की मांग की है। व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो वे सड़क जाम और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप
व्यापारियों का आरोप है कि
- पर्याप्त समय नहीं दिया गया
- पुनर्वास की कोई ठोस योजना नहीं बताई गई
- सिर्फ गरीब दुकानदारों पर कार्रवाई हुई
कई दुकानदारों ने यह भी सवाल उठाया कि पूरे शहर में एक समान कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
वर्तमान स्थिति पर एक नजर
| विषय | विवरण |
|---|---|
| स्थान | डोरंडा मार्केट, रांची |
| प्रभावित दुकानदार | लगभग 200 |
| कार्रवाई | अतिक्रमण हटाओ अभियान |
| मुख्य मांग | वैकल्पिक स्थान / पुनर्वास |
| चेतावनी | सड़क जाम, विरोध प्रदर्शन |
आगे क्या?
फिलहाल डोरंडा मार्केट इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। दुकानदार एकजुट होकर प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं, जबकि नगर निगम की ओर से अब तक किसी स्थायी समाधान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन दुकानदारों की मांगों पर कब और क्या कदम उठाता है।





