
सेंट्रल डेस्क। झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा और चिंताजनक हादसा सामने आया है। धनबाद जिले के कतरास स्थित सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबारी में अचानक हुए भू-धंसान ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में कम से कम चार घर पूरी तरह जमीन में समा गए हैं। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जमीन धंसते ही घरों में दरारें पड़ने लगीं और देखते ही देखते कई मकान मलबे में तब्दील हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे, जबकि कई परिवारों ने दहशत के बीच अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। प्रत्यक्षदर्शी रिंकी कुमारी ने बताया कि अचानक हुए भू-धंसान में उनका घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस दौरान उनकी बहन गीता कुमारी, चाची सरिता देवी और पिता मोनू उरांव मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया है।
विधायक ने प्रभावित इलाके का दौरा किया
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में सोनारडीह ओपी का घेराव कर दिया। साथ ही कतरास-महुदा मार्ग (NH-32) को जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाते, तो इस तरह की भयावह घटना टाली जा सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की। विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा, मैंने प्रभावित इलाके का दौरा किया है, जहां चार घर जमींदोज हो चुके हैं और उनमें रहने वाले लोग मलबे के नीचे दबे हैं। राहत कार्य के लिए उपायुक्त और कोलियरी प्रबंधन के उच्च अधिकारियों से बात हुई है। जल्द ही रेस्क्यू टीम यहां पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करेगी। फिलहाल मौके पर पुलिस-प्रशासन और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अधिकारी मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।





