झारखंड बजट 2026: 1 लाख करोड़ के बजट की तैयारी | सीएम ने कहा- जनता की पसंद से बनेगा बजट

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के आगामी बजट को लेकर ‘अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी’ में अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड 25 साल का हो चुका है, इसलिए अब राज्य को एक मजबूत और समावेशी बजट की जरूरत है जो हर वर्ग (किसान, युवा, आदिवासी) को साथ लेकर चले।
बजट की 10 बड़ी बातें
- 1 लाख करोड़ का बजट: इस साल का बजट करीब $1$ लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। सरकार का जोर अब कमाई (राजस्व) बढ़ाने पर है ताकि विकास के काम न रुकें।
- जनता की भागीदारी: बजट केवल फाइलों में न बने, बल्कि इसमें आम लोगों की राय भी शामिल हो। सरकार ने लोगों से सुझाव मांगे हैं ताकि उनकी इच्छाओं के अनुरूप योजनाएं बनें।
- विदेश दौरे का अनुभव: सीएम ने दावोस और लंदन दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की बेहतर नीतियों और अर्थव्यवस्था को समझकर अब उसे झारखंड में भी लागू करने की कोशिश की जाएगी।
- नई पीढ़ी के लिए अवसर: आज के युवा पारंपरिक रास्तों से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं। बजट में युवाओं की नई जरूरतों और रोजगार के अवसरों का खास ध्यान रखा जाएगा।
- संसाधनों का सही इस्तेमाल: झारखंड में जल, जंगल, खनिज और मेहनती लोग—सब कुछ है। अब जरूरत है इन संसाधनों का सही इस्तेमाल करने की।
- वैल्यू एडिशन (मूल्यवर्धन): झारखंड लाह और तसर उत्पादन में आगे है, लेकिन इनका फायदा दूसरे राज्य उठाते हैं। अब झारखंड में ही इन उत्पादों को बेहतर बनाकर (Value Addition) बेचने पर जोर दिया जाएगा।
- आदिवासी परंपरा का सम्मान: आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते यहां की पुरानी और समृद्ध परंपराओं को बचाए रखना और आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
- पिछड़ा होने के बावजूद अहम योगदान: सीएम ने कहा कि भले ही झारखंड को पिछड़ा माना जाता है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में इसका बहुत बड़ा हाथ है। अब नई नीतियों से राज्य की अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
- लक्ष्य आधारित विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में लक्ष्य तय कर काम हो रहा है। खेतों तक पानी पहुंचाना और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना मुख्य फोकस है।
- सुझाव देने वाले सम्मानित: बेहतर सुझाव देने वाले नागरिकों (स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा) को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया।
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