ईरान का बड़ा ऐलान : अमेरिका-इजराइल से जुड़े जहाज बनेगे निशाना | तेल $200 तक पहुंचने की चेतावनी

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि जब तक संघर्ष जारी रहेगा, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से एक लीटर तेल भी गुजरने नहीं दिया जाएगा। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
जहाजों को बनाया जा सकता है निशाना
IRGC के खतम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि अमेरिका, इज़राइल या उनके सहयोगियों से जुड़े किसी भी जहाज को वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा। प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि अगर तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें क्षेत्रीय सुरक्षा पर निर्भर करती हैं और मौजूदा अस्थिरता के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी जिम्मेदार हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले
इस बीच समुद्री सुरक्षा कंपनियों के अनुसार बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इनमें एक थाई झंडे वाला मालवाहक जहाज भी शामिल था, जिस पर ओमान के उत्तर में करीब 11 समुद्री मील (लगभग 18 किलोमीटर) दूर हमला किया गया।
ट्रंप ने जहाजों को रास्ता जारी रखने को कहा
तनाव के बावजूद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जहाजों को डरने की जरूरत नहीं है और जल्द ही स्थिति सुरक्षित हो जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र की चिंता
संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख Tom Fletcher ने भी चिंता जताते हुए कहा कि इस संकट के कारण मानवीय सहायता कई जरूरतमंद क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रही है, खासकर अफ्रीका के उप-सहारा क्षेत्र में। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि मानवीय सहायता के लिए समुद्री मार्ग सुरक्षित रखा जाए।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
युद्ध और समुद्री मार्ग के बंद होने की आशंका से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसी बीच International Energy Agency (IEA) ने तेल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 400 मिलियन बैरल तेल आपातकालीन भंडार से जारी करने का फैसला किया है। IEA के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने कहा कि यह कदम बाजार में तत्काल राहत देने के लिए उठाया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेल और गैस की आपूर्ति को स्थिर करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का दोबारा खुलना सबसे जरूरी है।
कई देशों ने तेल भंडार जारी करने की घोषणा की
जर्मनी और ऑस्ट्रिया समेत कई यूरोपीय देशों ने अपने आपातकालीन तेल भंडार जारी करने की बात कही है। वहीं जापान ने भी अपने राष्ट्रीय और निजी भंडार से लगभग 80 मिलियन बैरल तेल जारी करने की घोषणा की है। जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने कहा कि देश सोमवार से तेल भंडार जारी करना शुरू करेगा। जापान अपनी लगभग 70 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते प्राप्त करता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो दुनिया को बड़े ऊर्जा और शिपिंग संकट का सामना करना पड़ सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा, सोर्स अल जजीरा।




