
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2 फरवरी को पश्चिमी सिंहभूम जिले के सेरेंगसिया में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महानायक पोटो हो और अन्य वीरों को याद करते हुए राज्य के विकास के लिए कई बड़ी योजनाओं की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है। जब देश में आजादी की लड़ाई ठीक से शुरू भी नहीं हुई थी, तब यहां के आदिवासियों ने अपनी जमीन और पहचान के लिए अंग्रेजों से डटकर मुकाबला किया था। पोटो हो, बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे वीरों का बलिदान हमें हमेशा प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि झारखंड तभी आगे बढ़ेगा जब यहां के लोग सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत होंगे। इस कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद और विधायक भी मौजूद रहे।
गांवों से चल रही सरकार
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार अब शहरों (हेडक्वार्टर) से नहीं, बल्कि सीधे गांवों और पंचायतों से चल रही है, ताकि योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएं। सरकार मेडिकल, इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग और विदेशों में पढ़ाई के लिए 100% स्कॉलरशिप दे रही है।’मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना’ के जरिए 18 से 50 साल की महिलाओं को साल में 30,000 रुपये दिए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
सौगातें
| विवरण | संख्या/राशि |
| कुल योजनाएं (उद्घाटन व शिलान्यास) | 197 योजनाएं (लगभग ₹398 करोड़) |
| लाभार्थियों के बीच मदद (परिसंपत्ति वितरण) | ₹637 करोड़ से अधिक की राशि |
| रोजगार | 1,479 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए |





